सोना-चांदी रिकॉर्ड की कीमतें हुईं हाई, जानें अपडेट
- कारोबार दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- January 23, 2026
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नई दिल्ली। डॉलर आज कमजोर हुआ है।, फेड पर दबाव और राजनीतिक तनाव के बीच सोना-चांदी की कीमतें हाई रिकॉर्ड पर पहुंच गईं हैं। एमसीएक्स पर सोना 1,57,086 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,35,521 रुपये प्रति किलो के नए स्तर पर पहुंची है।
शुक्रवार को सोना और चांदी ने नई ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छू लिया। कमजोर अमेरिकी डॉलर, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ दिया, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछाल देखा गया।
आज बाजार का हाल
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत 4,960 डालर प्रति औंस के पार पहुंच गई और यह सप्ताह में 7% से अधिक की बढ़त की ओर बढ़ रही है। वहीं चांदी भी करीब 97 डालर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। सोना 0.5% बढ़कर 4,959.39 डालर प्रति औंस और चांदी 0.7% उछलकर 96.91 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
अमेरिकी राष्ट्रपति के फेडरल रिजर्व पर बढ़ते दबाव, वेनेजुएला,ईरान, ग्रीनलैंड जैसे क्षेत्रों में तनाव और वैश्विक अनिश्चितता ने सेफ हेवन निवेश की मांग बढ़ा दी है। निवेशक बॉन्ड और मुद्राओं के बजाय सोना-चांदी जैसे ठोस एसेट्स की ओर झुक रहे हैं, जिसे बाजार में डिबेसमेंट ट्रेड कहा जाता है। एक निवेश रणनीति है जिसमें निवेशक फिएट मुद्राओं (जैसे डॉलर, यूरो) और सरकारी बॉन्ड के अवमूल्यन (मूल्य घटने) से बचाव के लिए सोना, चांदी, बिटकॉइन और अन्य वस्तुओं जैसी सीमित आपूर्ति वाली संपत्तियों में पैसा लगाते हैं।
आज बाजार का हाल
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत 4,960 डालर प्रति औंस के पार पहुंच गई और यह सप्ताह में 7% से अधिक की बढ़त की ओर बढ़ रही है। वहीं चांदी भी करीब 97 डालर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। सोना 0.5% बढ़कर 4,959.39 डालर प्रति औंस और चांदी 0.7% उछलकर 96.91 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
अमेरिकी राष्ट्रपति के फेडरल रिजर्व पर बढ़ते दबाव, वेनेजुएला,ईरान, ग्रीनलैंड जैसे क्षेत्रों में तनाव और वैश्विक अनिश्चितता ने सेफ हेवन निवेश की मांग बढ़ा दी है। निवेशक बॉन्ड और मुद्राओं के बजाय सोना-चांदी जैसे ठोस एसेट्स की ओर झुक रहे हैं, जिसे बाजार में डिबेसमेंट ट्रेड कहा जाता है। एक निवेश रणनीति है जिसमें निवेशक फिएट मुद्राओं (जैसे डॉलर, यूरो) और सरकारी बॉन्ड के अवमूल्यन (मूल्य घटने) से बचाव के लिए सोना, चांदी, बिटकॉइन और अन्य वस्तुओं जैसी सीमित आपूर्ति वाली संपत्तियों में पैसा लगाते हैं।
