इंडिया एनर्जी वीक 2026: गोवा में जुटेगा वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व, भारत बनेगा ऊर्जा संवाद का केंद्र

 इंडिया एनर्जी वीक 2026: गोवा में जुटेगा वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व, भारत बनेगा ऊर्जा संवाद का केंद्र

Nimmi Thakur

नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री  हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक निर्णायक मंच साबित होगा। 27 से 30 जनवरी 2026 तक गोवा स्थित ओएनजीसी एटीआई में आयोजित होने वाला यह आयोजन दुनिया भर के ऊर्जा मंत्रियों, उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं, वित्तीय संस्थानों, शिक्षाविदों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह वर्ष का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आयोजन होगा, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, निवेश को बढ़ावा देने और व्यावहारिक डीकार्बनाइजेशन के रास्तों पर विशेष फोकस रहेगा।

पुरी ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक का कद हर साल लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2023 में जहां करीब 30 हजार प्रतिनिधियों ने भाग लिया था, वहीं 2025 में यह संख्या 68 हजार तक पहुंच गई। उन्होंने बताया कि IEW 2026 अब तक का सबसे बड़ा संस्करण होने की उम्मीद है, जिसमें 75 हजार से अधिक प्रतिनिधि, 600 से ज्यादा प्रदर्शक, 180 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक, 500 से अधिक वैश्विक वक्ता और 120 से ज्यादा सम्मेलन सत्र शामिल होंगे। यह भारत की बढ़ती वैश्विक नेतृत्व भूमिका को दर्शाता है।
उन्होंने जानकारी दी कि यूएई, कनाडा, नीदरलैंड्स, ओमान, ब्रुनेई, म्यांमार और तंजानिया सहित कई देशों के 17 मंत्री और उप-मंत्री इस आयोजन में भाग लेंगे। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंच, बिम्सटेक और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन जैसे संगठन भी इसमें शामिल होंगे। प्रदर्शनी को 11 विषयगत जोनों में आयोजित किया जाएगा, जिनमें डिजिटलाइजेशन और एआई, हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, बायोफ्यूल्स, एलएनजी इकोसिस्टम, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, मेक इन इंडिया और नेट-जीरो समाधान शामिल होंगे। इस बार न्यूक्लियर एनर्जी जोन और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जोन को भी जोड़ा गया है।
मंत्री ने बताया कि IEW 2026 का सम्मेलन कार्यक्रम 10 रणनीतिक विषयों पर आधारित होगा और इसमें चार मंत्री स्तरीय सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 47 लीडरशिप और स्पॉटलाइट पैनल चर्चाएं होंगी, जिनमें वैश्विक उद्योग विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। पांच विशेष एनर्जी टॉक्स भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें तकनीक, बाजार और स्थिरता जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने के लिए मेक इन इंडिया और स्वदेशीकरण पवेलियन की विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें एमएसएमई, स्टार्टअप्स और वेंडर्स के साथ सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, कनाडा, रूस और चीन सहित 11 देशों के पवेलियन अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को और मजबूत करेंगे।

पुरी ने बताया कि इंडिया एनर्जी वीक 2026 के दौरान कई बड़े व्यावसायिक समझौते और करार होने की संभावना है, जिनमें शिपबिल्डिंग, कच्चे तेल की आपूर्ति, अपस्ट्रीम सहयोग, एलएनजी सोर्सिंग और ओडिशा के पारादीप में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल परियोजना जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ठोस कारोबारी परिणामों का भी मंच बनेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि सम्मेलन के साथ कई अहम साइड इवेंट्स आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नौवां प्रधानमंत्री गोलमेज सम्मेलन प्रमुख होगा, जहां प्रधानमंत्री वैश्विक सीईओ, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के शीर्ष नेताओं से संवाद करेंगे। इसके अलावा इंडिया-अरब एनर्जी डायलॉग, इंडिया-जापान, इंडिया-आइसलैंड, इंडिया-नीदरलैंड्स और भारत-अमेरिका ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने के लिए विशेष राउंडटेबल भी होंगे।
अंत में  पुरी ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक 2026 नवाचार, स्टार्टअप्स और ज्ञान साझाकरण को भी प्राथमिकता देगा। अविन्या 2026 स्टार्टअप चैलेंज, वसुधा 3.0 और हैकाथॉन चैलेंज के साथ-साथ बायोफ्यूल्स फाइनेंसिंग पर श्वेत पत्र और इंडिया बायोएनर्जी आउटलुक 2030 जैसे अहम ज्ञान उत्पाद भी लॉन्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और सततता के बीच संतुलन बनाते हुए भारत को वैश्विक ऊर्जा केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।