वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का नियम में बदलाव, फॉर्म-6 के साथ देना होगा जरूरी डाक्यूमेंट

 वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का नियम में बदलाव, फॉर्म-6 के साथ देना होगा जरूरी डाक्यूमेंट
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत अब नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र देना जरूरी होगा। इसमें 2003 की मतदाता सूची से स्वयं का नाम नहीं है तो जरूरी कागजात देने होंगे। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के तहत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए अब फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
इसमें वर्ष 2003 की मतदाता सूची से स्वयं या फिर माता-पिता एवं बाबा-दादी में से किसी एक का विवरण विधान सभा क्षेत्र, भाग संख्या और क्रम संख्या सहित देना होगा। सही विवरण उपलब्ध न होने या फिर डाटाबेस से मेल न खाने पर उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। जन्म तिथि और जन्म स्थान के प्रमाण के लिए 13 में से किसी एक अभिलेख की मांग की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि फार्म-6 में आवेदक को अपना नाम, सही पता शुद्ध वर्तनी में, नवीनतम स्पष्ट फोटो और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से अंकित करना होगा।
आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल प्रमाण पत्र, पासपोर्ट सहित निर्धारित अभिलेखों में से कोई एक देना होगा। यदि कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं है तो 18 से 21 वर्ष के आवेदकों को माता-पिता के हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र के साथ संबंधित अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा। 21 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदक केवल अपना घोषणा पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे।
निवास प्रमाण के लिए पानी-बिजली-गैस बिल, आधार कार्ड, बैंक या डाकघर की पासबुक, पासपोर्ट, भूमि स्वामित्व अभिलेख, किराया या विक्रय विलेख जैसे दस्तावेज मान्य होंगे। दस्तावेज उपलब्ध न होने की स्थिति में स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल (voter.eci.gov.in) पर आनलाइन फार्म-6 व घोषणा पत्र भर सकते हैं या आफलाइन फार्म संबंधित बीएलओ/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष जमा कर सकते हैं।