केंद्रीय बजट 2026 की उलटी गिनती शुरू, हर सेक्टर की नजर वित्तमंत्री पर
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और हर सेक्टर की नजर अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी है। इस बार रियल एस्टेट सेक्टर को बजट से बड़ी राहत की उम्मीद है। बढ़ती महंगाई, ऊंची ब्याज दरें और टैक्स का बोझ घर खरीदने वालों को पीछे धकेल रहा है। ऐसे में इंडस्ट्री चाहती है कि बजट 2026 आम आदमी के लिए घर खरीदना आसान बनाए। टैक्स छूट, सस्ती होम लोन दरें और अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने वाले फैसले इस सेक्टर की सबसे बड़ी मांग बनकर उभरे हैं।
केंद्रीय बजट 2026-27 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। केंद्र सरकार इस बार 1 फरवरी 2026 को बजट पेश कर सकती है, जो हाल के सालों में पहली बार रविवार को पेश किया जाएगा। बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति के भाषण के साथ होने की संभावना है। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में बजट सत्र और बजट पेश होने की तारीख को अंतिम रूप दिया जाएगा।
वित्तीय विशेषज्ञों और शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, बजट 2026-27 का कुल परिव्यय (Total Outlay) 54 लाख करोड़ रुपये से 56 लाख करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर खर्च बढ़ाना और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को GDP के 4.0% से 4.1% के बीच समेटना है। इस बजट में सरकार का मुख्य फोकस कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) पर है, जिसे बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये से 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जा सकता है।
वित्तीय विशेषज्ञों और शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, बजट 2026-27 का कुल परिव्यय (Total Outlay) 54 लाख करोड़ रुपये से 56 लाख करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर खर्च बढ़ाना और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को GDP के 4.0% से 4.1% के बीच समेटना है। इस बजट में सरकार का मुख्य फोकस कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) पर है, जिसे बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये से 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जा सकता है।
