मतगणना प्रक्रिया में बदलाव : बिहार चुनावों से लागू होगी डाक मतपत्रों की गिनती की नई व्यवस्था
- दिल्ली बिहार राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- September 25, 2025
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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने डाक मतपत्रों की गिनती में पारदर्शिता लाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब ईवीएम की गिनती का दूसरा अंतिम चरण तभी होगा जब डाक मतपत्रों की गिनती पूरी हो जाएगी। यह व्यवस्था सबसे पहले बिहार विधानसभा चुनावों में लागू होगी। डाक मतपत्रों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर आयोग ने पर्याप्त टेबल और गिनतीकर्मी लगाने के भी निर्देश दिए हैं।
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने डाक मतपत्रों की गिनती की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित कर दिया है। अब गिनती के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने से पहले ईवीएम की गिनती का अंतिम चरण शुरू न हो।
अब तक प्रचलन यह था कि गिनती के दिन सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होती थी और सुबह 8:30 बजे ईवीएम की गिनती। पहले के नियमों के मुताबिक, ईवीएम की गिनती डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने से पहले भी खत्म हो सकती थी। हालांकि, अब आयोग ने तय किया है कि ईवीएम की गिनती का दूसरा अंतिम चरण तभी शुरू होगा जब डाक मतपत्रों की गिनती पूरी हो जाएगी।
पहली बार बिहार में होगी लागू
नई व्यवस्था का पहला प्रयोग बिहार विधानसभा चुनावों में होगा, जो नवंबर में होने जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इससे गिनती प्रक्रिया अधिक एकरूप और पारदर्शी बनेगी। इससे मतदाताओं और उम्मीदवारों के बीच किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी।
पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था
चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में डाक मतपत्रों की संख्या अधिक होगी, वहां पर्याप्त संख्या में टेबल और गिनतीकर्मी लगाए जाएं। इसका उद्देश्य गिनती में देरी को रोकना और प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है।
अब तक प्रचलन यह था कि गिनती के दिन सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होती थी और सुबह 8:30 बजे ईवीएम की गिनती। पहले के नियमों के मुताबिक, ईवीएम की गिनती डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने से पहले भी खत्म हो सकती थी। हालांकि, अब आयोग ने तय किया है कि ईवीएम की गिनती का दूसरा अंतिम चरण तभी शुरू होगा जब डाक मतपत्रों की गिनती पूरी हो जाएगी।
पहली बार बिहार में होगी लागू
नई व्यवस्था का पहला प्रयोग बिहार विधानसभा चुनावों में होगा, जो नवंबर में होने जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इससे गिनती प्रक्रिया अधिक एकरूप और पारदर्शी बनेगी। इससे मतदाताओं और उम्मीदवारों के बीच किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी।
पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था
चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में डाक मतपत्रों की संख्या अधिक होगी, वहां पर्याप्त संख्या में टेबल और गिनतीकर्मी लगाए जाएं। इसका उद्देश्य गिनती में देरी को रोकना और प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है।
