एनबीसीसी ने आयोजित की 66वीं वार्षिक आम बैठक

 एनबीसीसी ने आयोजित की 66वीं वार्षिक आम बैठक

Nimmi Thakur

नई दिल्ली। एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों से अपनी 66वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. के. पी. महादेवास्वामी ने की। उन्होंने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कारोबार में वृद्धि और प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी।

एनबीसीसी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 13,195.89 करोड़ रुपये का समेकित राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.52 प्रतिशत अधिक है। वहीं, समेकित कर-पश्चात लाभ (पीएटी) 33.19 प्रतिशत बढ़कर 742.45 करोड़ रुपये रहा। एकल आधार पर कंपनी की कुल आय 10,055.45 करोड़ रुपये और कर-पश्चात लाभ 703.29 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 47.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी ने वर्ष के दौरान समेकित आधार पर 18,780 करोड़ रुपये का कारोबार अर्जित किया। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की समेकित ऑर्डर बुक 1,27,820 करोड़ रुपये रही।

कंपनी ने अब तक का सर्वाधिक 270 करोड़ रुपये का लाभांश घोषित किया है। इसमें प्रति 1 रुपये के पूर्णतः प्रदत्त इक्विटी शेयर पर 0.46 रुपये का अंतिम लाभांश तथा क्रमशः 0.21 रुपये, 0.21 रुपये और 0.12 रुपये के तीन अंतरिम लाभांश शामिल हैं।

पुनर्विकास और रियल एस्टेट क्षेत्र में भी एनबीसीसी ने अपनी स्थिति मजबूत की है। आम्रपाली परियोजनाओं के तहत कंपनी 8,598 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि वाली करीब 38,000 आवासीय इकाइयों का निर्माण कर रही है। इनमें से 32,550 से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है और उन्हें सौंपने की प्रक्रिया जारी है। चरण-II के तहत अतिरिक्त आवास विकसित करने के साथ परियोजनाओं की वित्तीय स्थिरता के लिए अप्रयुक्त एफएआर के मुद्रीकरण पर भी काम किया जा रहा है।

सुपरटेक की 16 परियोजनाओं में लगभग 50,000 अटकी हुई आवासीय इकाइयों को पूरा करने की जिम्मेदारी भी एनबीसीसी देख रही है। इन परियोजनाओं की अनुमानित टॉपलाइन करीब 10,000 करोड़ रुपये है और इन्हें एनबीसीसी की अपनी निधियों का उपयोग किए बिना स्व-संधारणीय मॉडल के तहत पूरा किया जा रहा है।

जीपीआरए पुनर्विकास परियोजनाओं, आम्रपाली परियोजनाओं और अन्य प्रमुख पुनर्विकास पहलों के तहत कंपनी ने शहरी पुनर्विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति की। इस दौरान 1,600 से अधिक सरकारी आवासीय इकाइयों और कार्यालय अवसंरचना का उद्घाटन किया गया, जबकि 6,600 से अधिक जीपीआरए फ्लैटों तथा भारत बिजनेस पार्क के आठ टावरों की आधारशिला रखी गई।

एनबीसीसी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने 211.12 करोड़ रुपये का विदेशी राजस्व अर्जित किया। दुबई में एनबीसीसी ओवरसीज रियल एस्टेट एलएलसी की स्थापना कंपनी की प्रमुख उपलब्धियों में रही। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, सेशेल्स, मॉरीशस और मालदीव्स में भी कंपनी ने अपनी भागीदारी मजबूत की है। मालदीव्स के हुलहुमाले में सामाजिक आवास परियोजना एनबीसीसी की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल है।

डॉ. महादेवास्वामी ने कहा कि एनबीसीसी की विकास रणनीति पुनर्विकास, परियोजना प्रबंधन परामर्श, रियल एस्टेट विकास, परिसंपत्ति मुद्रीकरण, संधारणीय अवसंरचना और अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर केंद्रित है। मजबूत ऑर्डर बुक और परियोजना निष्पादन की बेहतर स्थिति के साथ एनबीसीसी ‘विकसित भारत @ 2047’ के विजन में योगदान देने के लिए तैयार है।

एजीएम में एनबीसीसी के निदेशक मंडल के सदस्य डॉ. सुमन कुमार, निदेशक (वाणिज्य), अंजीव कुमार जैन, निदेशक (वित्त), संजीत, सरकार द्वारा नामित निदेशक, विशाल पुरी, स्वतंत्र निदेशक और दीप्ति गंभीर, कंपनी सचिव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। समापन अवसर पर डॉ. महादेवास्वामी ने भारत सरकार, संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों, केंद्रीय और राज्य सरकार की एजेंसियों, ग्राहकों, श्रमजीवियों, शेयरधारकों, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के निरंतर समर्थन एवं विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया।

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