ऊर्जा दक्षता और स्मार्ट फोर्जिंग तकनीकों पर AIFI का जमशेदपुर में विशेष सत्र, पूर्वी भारत में बढ़ाया विस्तार
Nimm Thakur
जमशेदपुर- एसोसिएशन ऑफ इंडियन फोर्जिंग इंडस्ट्री (AIFI) ने जमशेदपुर में ऊर्जा दक्षता, स्मार्ट फोर्जिंग प्रौद्योगिकियों और उन्नत विनिर्माण समाधानों पर केंद्रित एक विशेष सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से संगठन ने पूर्वी भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत किया तथा फोर्जिंग उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, तकनीकी पेशेवरों और उद्योग जगत के नेताओं को एक साझा मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों और उन्नत विनिर्माण प्रक्रियाओं के जरिए परिचालन दक्षता, उत्पादन क्षमता और दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ावा देना था। सत्र में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि स्वचालन, डिजिटलीकरण और आधुनिक तकनीकें फोर्जिंग उद्योग को किस प्रकार अधिक प्रतिस्पर्धी और सक्षम बना रही हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ रामकृष्ण फोर्जिंग्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नरेश जालान के मुख्य संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में तकनीकी नवाचार, ऊर्जा दक्षता और परिचालन उत्कृष्टता को अपनाना उद्योग की दीर्घकालिक सफलता के लिए आवश्यक है।
तकनीकी सत्र की शुरुआत मेगाथर्म इंडक्शन लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (सेल्स) एवं इंडक्शन हीटिंग एवं हार्डनिंग डिवीजन के प्रमुख सैकत चटर्जी की प्रस्तुति से हुई। उन्होंने इंडक्शन हीटिंग और हार्डनिंग प्रक्रियाओं में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के उपायों पर प्रकाश डाला और बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से ऊर्जा खपत कम करने, परिचालन लागत घटाने और उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की जा सकती है।
AIFI के अध्यक्ष यश मुनोत ने कहा कि फोर्जिंग उद्योग दक्षता, स्थिरता और तकनीकी नवाचार से प्रेरित एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि AIFI उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए आवश्यक ज्ञान और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जमशेदपुर में उद्योग की उत्साहपूर्ण भागीदारी को पूर्वी भारत में फोर्जिंग क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं का संकेत बताया।
एचएफएम कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जियोंग जोंग हो ने स्मार्ट फोर्जिंग और आधुनिक प्रेस तकनीकों पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि उन्नत प्रेस मशीनें, स्वचालन और बुद्धिमान विनिर्माण प्रणालियां पारंपरिक फोर्जिंग प्रक्रियाओं को बदल रही हैं और गुणवत्ता, दक्षता तथा प्रतिस्पर्धात्मकता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं।
इंडक्टोथर्म (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक पार्थे पटेल ने नॉन-फेरस इंडक्शन हीटिंग तकनीकों और उनके नवीनतम विकास पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और यह धातु प्रसंस्करण में सटीकता, उत्पादकता तथा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
येस्कोल्यूब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संदीप गायकवाड़ ने उच्च प्रदर्शन और किफायती फोर्जिंग डाई लुब्रिकेंट्स पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि उन्नत लुब्रिकेंट्स डाई की आयु बढ़ाने, उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने, रखरखाव लागत कम करने और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हैं।
कार्यक्रम के समापन पर AIFI ने दोहराया कि वह ज्ञान साझा करने, नई तकनीकों को अपनाने और उद्योग को अधिक स्मार्ट, टिकाऊ तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा। संगठन ने कहा कि ऐसे मंच उद्योग में नवाचार, सहयोग और क्षमता विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत के औद्योगिक विकास और विनिर्माण उत्कृष्टता को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
