जल्द चलेगी बीकानेर–साबरमती नई ट्रेन सेवा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव दिखाएंगे हरी झंडी

 जल्द चलेगी बीकानेर–साबरमती नई ट्रेन सेवा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव दिखाएंगे हरी झंडी

नई दिल्ली। राजस्थान और गुजरात के यात्रियों को जल्द ही एक नई रेल सेवा की सौगात मिलने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शीघ्र ही अहमदाबाद (साबरमती)–बीकानेर (लालगढ़) एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह नई ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद और राजस्थान के बीकानेर के बीच सीधा, तेज और सुविधाजनक रेल संपर्क उपलब्ध कराएगी।
यह नई एक्सप्रेस ट्रेन पश्चिम भारत के दो प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी। गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट, मोढेरा सूर्य मंदिर, पाटन की रानी की वाव और अहमदाबाद की समृद्ध विरासत के साथ-साथ राजस्थान के जूनागढ़ किला, करणी माता मंदिर, लालगढ़ पैलेस और बीकानेर की सांस्कृतिक एवं मरुस्थलीय पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। यात्रियों को दोनों राज्यों के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के बीच सुविधाजनक और सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।
नई ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद, मेहसाणा, पाटन और बनासकांठा जिलों तथा राजस्थान के जालोर, बालोतरा, जोधपुर, नागौर और बीकानेर जिलों को लाभ पहुंचाएगी। ट्रेन के प्रमुख ठहराव साबरमती, मेहसाणा, पाटन, भीलड़ी, धनेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़ भीनमाल, मोदरान, जालोर, मोकलसर, समदड़ी, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़ होंगे।
करीब 740 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस नई दैनिक एक्सप्रेस सेवा के शुरू होने से बीकानेर और अहमदाबाद के बीच नियमित रेल संपर्क स्थापित होगा। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को इससे विशेष सुविधा मिलेगी। साथ ही यह ट्रेन दोनों राज्यों के क्षेत्रीय विकास, आर्थिक गतिविधियों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी नई गति प्रदान करेगी।
हाल के महीनों में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान को कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं और सेवाओं की सौगात दी है। हाल ही में उन्होंने जोधपुर से विभिन्न रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा जैसलमेर में कोच केयर कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ किया। इसी दौरान जोधपुर–दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोचों के साथ संचालित करने की घोषणा की गई और साबरमती–जोधपुर एक्सप्रेस का विस्तार जैसलमेर तक किया गया। वहीं जालोर से भुज–जालोर–पाली–दिल्ली नई रेल सेवा को भी हरी झंडी दिखाई गई, जिससे जालोर, पाली और आसपास के क्षेत्रों को पहली बार दिल्ली और भुज से सीधा रेल संपर्क प्राप्त हुआ।