केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम को आधुनिक बनाने को मंजूर किए 25530 करोड़ रुपये

 केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम को आधुनिक बनाने को मंजूर किए 25530 करोड़ रुपये
नई दिल्ली। आज बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इन फैसलों के जानकारी मीडिया को देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “आज मंत्रिमंडल ने एक ऐसा निर्णय लिया है जो देश के 80 करोड़ नागरिकों को प्रभावित करेगा। केंद्रीय कैबिनेट ने पीडीएस को पूरी तरह से आधुनिक बनाने और राशन दुकानों को मजबूत ढांचागत समर्थन देने के लिए 25,530 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘सार्थक पीडीएस योजना’ को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जैसा कि आप सभी जानते हैं, भारत वर्तमान में विश्व का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम चला रहा है। इस खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के तहत 80 करोड़ नागरिकों को हर महीने बुनियादी राशन उपलब्ध कराया जाता है। यह इतना विशाल कार्यक्रम है कि इसे वैश्विक स्तर पर समावेशी विकास के उदाहरण के रूप में उद्धृत किया जाता है।
पहला चरण सार्थक-पीडीएस योजना 
पहले चरण में सार्थक-पीडीएस योजना के साथ राज्य के भीतर खाद्यान्न परिवहन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही उचित मूल्य की दुकानों के लिए समर्थन का प्रावधान होगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण से जुड़ी इस योजना का कुल परिव्यय 25,530 करोड़ रुपये होगा। इसकी कुल अवधि पांच वर्ष यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक होगी।
तीन प्रमुख एआई-सक्षम मॉड्यूल का इस्तेमाल 
वैष्णव ने बताया कि पीडिएस को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट पीडीएस चरण के तहत तीन प्रमुख एआई-सक्षम मॉड्यूल का इस्तेमाल किया जाएगा। ये होंगे-
निर्मल: एआई-संचालित वास्तविक समय पीडीएस लाभार्थी रजिस्ट्री। अंतर-मंत्रालय एकीकरण और क्रॉस-स्कीम अभिसरण।
आशा: कॉल, व्हाट्सएप, आईवीआरएस और चैटबॉट के माध्यम से बहुभाषी एआई शिकायत निवारण और नागरिक सहभागिता मंच। प्रतिदिन 3 लाख इंटरैक्शन तक स्केलेबल।
सक्षम: एआई-सक्षम आपूर्ति श्रृंखला मंच जिसमें वाहन ट्रैकिंग, क्यूआर ट्रेसिबिलिटी, मांग पूर्वानुमान और मार्ग अनुकूलन शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री ने योजना के लाभों के बारे में बताते हुए कहा कि पीडीएस को आधुनिक बनाने से पात्र लाभार्थियों की सटीक पहचान करने और नागरिकों की संतुष्टि में सुधार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आशा-एआई खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चत करने में सहायक होगा। इसके जरिए पसंदीदा भाषा में शिकायतों का तेजी से निवारण किया जा सकेगा। जिससे अनाज की बचत और स्थानीय खरीद को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही अनाज की ढुलाई की दूरी में 15-50% की कमी आएगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राशन दुकानों को समर्थन देने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को आधुनिक बनाने के लिए 25,530 करोड़ रुपये की सार्थक पीडीएस योजना योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना मार्च 2031 तक पांच वर्षों के लिए लागू रहेगी। सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यह जानकारी दी। सरकार के इस बड़े कदम का सीधा और सकारात्मक असर देश के उन 80 करोड़ नागरिकों पर पड़ेगा जो अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए सरकार के खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम पर निर्भर हैं।http://Politicaltrust.in