पूरे उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी और जानलेवा हीटवेव (लू) का प्रकोप
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- May 21, 2026
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नई दिल्ली। पूरे उत्तर और मध्य भारत में इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा हीटवेव (लू) का भयंकर प्रकोप जारी है, जिसने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्य इस समय भट्टी की तरह तप रहे हैं। सूरज की तपिश और मैदानी इलाकों से चल रही गर्म हवाओं के कारण सुबह 10 बजे से ही लोगों का घरों से बाहर निकलना मुहाल हो गया है। दोपहर के समय शहरों के मुख्य बाजार और सड़कें पूरी तरह से सुनसान नजर आ रही हैं, मानो अघोषित कर्फ्यू लग गया हो।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में इस सप्ताह गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दिल्ली के मुख्य सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक दर्ज होकर 45.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। वहीं दिल्ली के रिज (Ridge) बेस स्टेशन पर पारा 46.5 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर को पार कर गया। मौसम विभाग ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के लिए “ऑरेंज अलर्ट” (Orange Alert) जारी करते हुए बेहद गंभीर स्थिति की चेतावनी दी है।पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में हालात और भी भयावह हो गए हैं। यूपी का बांदा जिला इस समय देश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है, जहाँ अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। भीषण गर्मी के कारण पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में दिन के साथ-साथ रातें भी बेहद गर्म (Warm Nights) हो रही हैं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे सुकून नहीं मिल पा रहा है। तपती गर्मी और उमस के चलते अस्पतालों के ट्रॉमा सेंटरों और ओपीडी में उल्टी, दस्त, तेज बुखार, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन (लू लगना) के मरीजों की तादाद अचानक 300 से 400 प्रतिदिन तक बढ़ गई है।
25 मई तक राहत के आसार नहीं, डॉक्टरों ने दी सावधान रहने की सलाह
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आसमान पूरी तरह साफ होने और शुष्क पछुआ हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण धरती तेजी से गर्म हो रही है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि आगामी 25 मई तक तापमान में किसी भी तरह की गिरावट आने की कोई संभावना नहीं है। डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बहुत जरूरी न होने पर सीधे धूप में निकलने से बचें। घर से बाहर निकलते समय सिर को ढक कर रखें, खाली पेट बाहर न जाएं और प्यास न लगने पर भी लगातार पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी या छाछ का सेवन करते रहें।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आसमान पूरी तरह साफ होने और शुष्क पछुआ हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण धरती तेजी से गर्म हो रही है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि आगामी 25 मई तक तापमान में किसी भी तरह की गिरावट आने की कोई संभावना नहीं है। डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बहुत जरूरी न होने पर सीधे धूप में निकलने से बचें। घर से बाहर निकलते समय सिर को ढक कर रखें, खाली पेट बाहर न जाएं और प्यास न लगने पर भी लगातार पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी या छाछ का सेवन करते रहें।
