उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 9 आईपीएस के तबादले
- उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय
Political Trust
- May 22, 2026
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस बदलाव में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ का प्रमोशन और स्थानांतरण भी किया गया है।
कानपुर जोन के ADG रहे Aalok Singh को पदोन्नति के बाद पुलिस महानिदेशक (DG) पीएसी मुख्यालय नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें विशेष सुरक्षा बल की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।उनकी जगह आगरा जोन की ADG Anupam Kulshreshtha को कानपुर जोन का नया ADG बनाया गया है। वहीं ADG क्राइम S.K. Bhagat को आगरा जोन का नया ADG नियुक्त किया गया है।इसके अलावा ADG ट्रैफिक A. Satish Ganesh को यातायात एवं सड़क सुरक्षा निदेशालय के साथ-साथ अपराध (क्राइम) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ अतिरिक्त प्रभार देकर प्रशासनिक ढांचे में संतुलन बनाने की कोशिश की है। विनोद कुमार सिंह को सीआईडी, साइबर क्राइम के साथ अब यूपी-112 की जिम्मेदारी भी दी गई है। वहीं डीजी होमगार्ड डी.के. ठाकुर को नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
इसी तरह जय नारायण सिंह को पावर कॉरपोरेशन से हटाकर ईओडब्ल्यू की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि आर.के. स्वर्णकार को पीएसी से हटाकर यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में तैनात किया गया है। आईजी अभियोजन गीता सिंह को प्रशिक्षण निदेशालय लखनऊ में नई जिम्मेदारी दी गई है।
इस बड़े फेरबदल को पुलिस प्रशासन में कार्यक्षमता बढ़ाने और विभागीय संतुलन सुधारने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ अतिरिक्त प्रभार देकर प्रशासनिक ढांचे में संतुलन बनाने की कोशिश की है। विनोद कुमार सिंह को सीआईडी, साइबर क्राइम के साथ अब यूपी-112 की जिम्मेदारी भी दी गई है। वहीं डीजी होमगार्ड डी.के. ठाकुर को नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
इसी तरह जय नारायण सिंह को पावर कॉरपोरेशन से हटाकर ईओडब्ल्यू की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि आर.के. स्वर्णकार को पीएसी से हटाकर यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में तैनात किया गया है। आईजी अभियोजन गीता सिंह को प्रशिक्षण निदेशालय लखनऊ में नई जिम्मेदारी दी गई है।
इस बड़े फेरबदल को पुलिस प्रशासन में कार्यक्षमता बढ़ाने और विभागीय संतुलन सुधारने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
