यूएस फेडरल रिजर्व ने नहीं किया ब्याज दरों में बदलाव, तेज की बढ़ती कीमत ने बढाई चिंता
नई दिल्ली। यूएस फेडरल रिजर्व ने अप्रैल मीटिंग में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। यूएस फेडरल ने बेंचमार्क दर को 3.5% से 3.75% की रेंज में बनाए रखने का विकल्प चुना। इसके पीछे बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों को देखते हुए महंगाई बढ़ने के जोखिमों का हवाला दिया गया। माना जा रहा है कि ये जेरोम पॉवेल की लीडरशिप में लिया गया आखिरी फैसला है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बार दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला फेड अधिकारियों के बीच कुछ गहमागहमी के साथ लिया गया, जिसमें चार असहमति वाले वोट पड़े। ऐसा 1992 के बाद पहली बार हुआ है।
मिडिल ईस्ट को लेकर चिंता
US Fed की फेडरल ओपन मार्केट कमिटी (FOMC) ने कहा, “मध्य पूर्व में हो रहे घटनाक्रम इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर काफी ज्यादा अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं। अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, कमिटी ने फेडरल फंड रेट की टार्गेट रेंज को 3.5 से 3.75 प्रतिशत पर ही बनाए रखने का फ़ैसला किया है”।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पॉवेल ने कहा कि 15 मई को उनका चेयरमैनशिप का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी, वे फेड बोर्ड में बने रहेंगे और सेंट्रल बैंक के गवर्नर के तौर पर काम करेंगे। पॉवेल ने कहा कि वे फेड में इसलिए बने रहेंगे, क्योंकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
फेड के अनुसार “हाल के संकेत बताते हैं कि आर्थिक गतिविधियाँ एक मजबूत गति से बढ़ रही हैं। औसतन, रोजगार में बढ़ोतरी कम रही है, और हाल के महीनों में बेरोजगारी दर में बहुत कम बदलाव आया है। महँगाई बढ़ी हुई है, जो कुछ हद तक वैश्विक ऊर्जा कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को दर्शाती है।”
