2 मई से आरंभ हो रहे जेठ माह में इस बार तपेंगे दो जेठ,59 दिन के होंगे दोनों ज्येष्ठ मास

 2 मई से आरंभ हो रहे जेठ माह में इस बार तपेंगे दो जेठ,59 दिन के होंगे दोनों ज्येष्ठ मास

गाजियाबाद। इस बार तपेंगे दो जेठ माह। दोनों ज्येष्ठ माह इस बार 59 दिन के होंगे। 17 मई से 15 जून तक रहेगा पुरुषोत्तम मास।

शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र के पंडित शिवकुमार शर्मा के अनुसार सम्वत्सर गणना में प्रत्येक 3 वर्ष में 1 माह की वृद्धि जाती है। जिसे अधिक मास अथवा पुरुषोत्तम मास कहते हैं।

हिंदी महीनों में चंद्र गणना के अनुसार चंद्रमा की 16 कलाओं की सूक्ष्म गणनाओं आधार पर तिथियां घटती बढ़ती रहती है ,3 वर्ष में लगभग उनतीस या तीस दिन का अंतर हो जाता है।

उसको पूर्ण करने के लिए ज्योतिषीय गणना के नियम अनुसार विभिन्न महीने अधिक मास हो जाते हैं।

इस वर्ष की गणना के अनुसार ज्येष्ठ के दो महीने हैं।

शुद्ध और अधिक मास मिलकर ज्येष्ठ मास 59 दिन का होंगा।

2 मई से आरंभ होकर 29 जून तक ज्येष्ठ की प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि इन दिनों मई और जून के महीने भी रहेंगे।

सौर गणना के अनुसार हर महीने संक्रांति बदलती रहती है। किंतु अधिक मास के समय पहले महीने में सूर्य संक्रांति नहीं आती इसलिए इसे अधिक मास कहते हैं। अधिक मास में प्रथम पक्ष और अंतिम पक्ष शुद्ध मास होते हैं। जबकि प्रथम महीने के शुक्ल पक्ष और द्वितीय महीने का कृष्ण पक्ष अशुद्ध मास होता है। अशुद्ध मास को ही अधिक मास अथवा पुरुषोत्तम मास कहते हैं। पुरुषोत्तम मास में वैवाहिक कार्य नहीं होते हैं। गृह निर्माण ,गृह प्रवेश संबंधी मुहूर्त भी प्रतिबंधित होते हैं। पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है। इसलिए पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु के पूजा, मंत्र जाप अथवा विशेष अनुष्ठान करने से बहुत लाभ होता है। अधिक मास में गरीब, असहाय और विद्वानों को दैनिक उपयोग की सामग्री अन्न ,जल वस्त्र ,दान करने का बहुत महत्व है। लौंद के महीने में विवाह ,गृह निर्माण संबंधी कार्य इसमें वर्जित है ,अन्य सभी कार्य हो सकते हैं।