महिला लोको पायलट ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, मुख्य लोको निरीक्षक पर कार्रवाई की मांग

 महिला लोको पायलट ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, मुख्य लोको निरीक्षक पर कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली। दक्षिणी रेलवे के सलेम डिवीजन में महिला सहायक लोको पायलट ने उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्य लोको निरीक्षक पर कार्रवाई की मांग की। यह घटना पिछले साल 13 सितंबर को एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की परीक्षा के दौरान घटी थी। महिला की प्रारंभिक शिकायत के आधार पर आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने आरोपी अधिकारी के केवल तबादले और चेतावनी जारी करने की सिफारिश की थी। आईसीसी ने महिला का बयान दर्ज करते हुए कहा, ‘मुख्य लोको इंस्पेक्टर टी सेल्वराज ने कथित तौर पर उसके सिर, कंधे, जांघ, कूल्हे और होंठ को छुआ।’ हालांकि, महिला ने सलेम मंडल रेलवे प्रबंधक के समक्ष अपनी अपील में कहा, ‘यह घटना मात्र छूना या शारीरिक संपर्क नहीं थी। बल्कि, यह बीएनएस की धारा 74 और 75 के तहत परिभाषित गंभीर उत्पीड़न और मेरी मर्यादा भंग करने के इरादे से किया गया हमला था।’अपनी प्रारंभिक शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि ओरिएंटेशन कोर्स की परीक्षा के दौरान उसे अकेला पाकर सेल्वराज ने कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया। इसी आधार पर सलेम के वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता ने आईसीसी (अदालत आयोग) की नियुक्ति की। पीड़िता ने समिति को बताया कि परीक्षा पूरी करने के बाद जब वह घर लौटी, तो सेल्वराज ने उसे फोन किया और अपने कार्यों के लिए माफी मांगते हुए कहा कि ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी और उससे घटना को भूल जाने का अनुरोध किया।

महिला द्वारा प्रस्तुत कॉल रिकॉर्डिंग के माध्यम से इन दावों की पुष्टि करते हुए, समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सेल्वराज ने सभी आरोपों को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया है, आईसीसी का मानना है कि टी सेल्वराज, सीएलआई/ईडी के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध हो गए हैं। आईसीसी ने सेल्वराज को सलेम डिवीजन के इरोड डिपो से स्थानांतरित करने और भविष्य में इसी तरह के दुर्व्यवहार या शिकायतों की पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की सख्त चेतावनी जारी करने की सिफारिश की।