BREAKING : पश्चिम बंगाल में ईडी की बड़ी कार्रवाई, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी
- राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- April 25, 2026
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Political Trust Magazine
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव से पहले कोलकाता में राशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी ने शहर के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई कोलकाता, बर्दवान और हावडा में स्थित उन नौ परिसरों पर की जा रही है, जो सप्लायर्स और एक्सपोर्टर्स से जुड़े बताए जा रहे हैं।
कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है, जो राशन वितरण प्रणाली में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की गहराई से पड़ताल कर रही है। ईडी की टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने की प्रक्रिया शुरू की है। इससे पहले अभिनेत्री और पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद नुसरत जहां को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तलब किया, जिसके बाद वह बुधवार को कोलकाता स्थित कार्यालय पहुंचीं थी।
मामला पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) घोटाले से जुड़ा है, जिसमें निरंजन चंद्र साहा समेत कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने मिलकर गरीबों को मिलने वाला गेहूं गलत तरीके से हेराफेरी कर लिया।
आरोप है कि गेहूं को कम कीमत पर अवैध तरीके से खरीदा गया और सप्लायर्स, डीलरों, एजेंटों और बिचौलियों की मदद से उसे सप्लाई सिस्टम से बाहर निकाला गया। इसके बाद बड़ी मात्रा में गेहूं को अलग-अलग जगहों पर जमा किया गया। घोटाले को छिपाने के लिए एफसीआई और राज्य सरकार के निशान वाले बोरों को बदल दिया गया या हटा दिया गया, ताकि गेहूं की पहचान छिपाई जा सके। इसके बाद इसे खुले बाजार या निर्यात के जरिए बेच दिया गया। फिलहाल इस मामले में ईडी की जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है, जो राशन वितरण प्रणाली में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की गहराई से पड़ताल कर रही है। ईडी की टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने की प्रक्रिया शुरू की है। इससे पहले अभिनेत्री और पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद नुसरत जहां को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तलब किया, जिसके बाद वह बुधवार को कोलकाता स्थित कार्यालय पहुंचीं थी।
मामला पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) घोटाले से जुड़ा है, जिसमें निरंजन चंद्र साहा समेत कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने मिलकर गरीबों को मिलने वाला गेहूं गलत तरीके से हेराफेरी कर लिया।
आरोप है कि गेहूं को कम कीमत पर अवैध तरीके से खरीदा गया और सप्लायर्स, डीलरों, एजेंटों और बिचौलियों की मदद से उसे सप्लाई सिस्टम से बाहर निकाला गया। इसके बाद बड़ी मात्रा में गेहूं को अलग-अलग जगहों पर जमा किया गया। घोटाले को छिपाने के लिए एफसीआई और राज्य सरकार के निशान वाले बोरों को बदल दिया गया या हटा दिया गया, ताकि गेहूं की पहचान छिपाई जा सके। इसके बाद इसे खुले बाजार या निर्यात के जरिए बेच दिया गया। फिलहाल इस मामले में ईडी की जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
