केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी को एपस्टीन से जोड़ते हुए किए गए पोस्ट को हटाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

 केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी को एपस्टीन से जोड़ते हुए किए गए पोस्ट को हटाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को बाल यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जोड़ते हुए किए गए पोस्ट को हटाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता कुणाल शुक्ला ने पोस्ट को हटाने के आदेश को रद करने की मांग की है।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की पीठ ने कुणाल की अर्जी पर हिमायनी पुरी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने पुरी से यह भी कहा कि वे इस मुकदमे में दायर अंतरिम निषेधाज्ञा अर्जी पर शुक्ला द्वारा दिए गए जवाब पर अपना प्रत्युत्तर दाखिल करें। साथ ही, पीठ स्पष्ट किया कि वह वेकेशन एप्लीकेशन और अंतरिम रोक आवेदन पर एक साथ सुनवाई करेगी और मामले पर अगली सुनवाई सात मई को होगी।
कुणाल शुक्ला की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि निषेधाज्ञा आदेश बिना किसी पूर्व सूचना के और बिना उनका पक्ष सुने ही जारी किया गया था। उन्हें इस संबंध में रिकार्ड पर कोई जवाब या दस्तावेज रखने का अवसर नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा है कि उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के कामकाज के संबंध में सार्वजनिक महत्व के सवाल पूछे थे और ऐसी स्वतंत्र अभिव्यक्ति पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकती है।
शुक्ला ने एकल पीठ के खिलाफ दायर अपील पर दो सदस्यीय पीठ ने एकल पीठ को निर्देश दिया कि वे दोनों पक्षों को सुनें और अवकाश आवेदन पर यथाशीघ्र निर्णय लें। 17 मार्च को एकल पीठ ने एक्स, गूगल, यूट्यूब, मेटा सहित अन्य को हिमायनी कपूर से जुड़ी मानहानिकारक सामग्री को हटाने का आदेश दिया था।