ग्रीन एनर्जी पर फोकस: ओआईएल ग्रीन एनर्जी और नुमालीगढ़ रिफाइनरी की साझेदारी, आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम

 ग्रीन एनर्जी पर फोकस: ओआईएल ग्रीन एनर्जी और नुमालीगढ़ रिफाइनरी की साझेदारी, आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम

Political Trust Magazine 
नई दिल्ली। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने एक अहम पहल की है। कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई ओआईएल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (OGEL) ने 20 अप्रैल 2026 को नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता नवीकरणीय ऊर्जा के विकास, खरीद और आपूर्ति के क्षेत्र में सहयोग को लेकर किया गया है।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य समूह की ऊर्जा आवश्यकताओं को स्वच्छ और नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करना है। समझौते के तहत सौर, पवन और अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम की जा सके।
MoU पर ओआईएल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की ओर से महाप्रबंधक राजीव कुमार तमुली और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड की ओर से महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं) रूपम कुमार सरमा ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर दोनों कंपनियों के शीर्ष अधिकारी और निदेशक मंडल के सदस्य भी उपस्थित रहे।

यह पहल ऑयल इंडिया की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी वर्ष 2040 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन (Net Zero) का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की साझेदारियां न केवल कंपनियों के कार्बन फुटप्रिंट को कम करेंगी, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती देंगी।
इसके अलावा, यह कदम भारत सरकार के 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी गति देगा। ऊर्जा क्षेत्र में यह सहयोग भविष्य में हरित निवेश और नई तकनीकों के विकास के लिए रास्ते खोलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समझौते से पूर्वोत्तर क्षेत्र में ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकते हैं।