संसद में देर रात तक महिलाओं के आरक्षण, संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े बिलों पर चर्चा
- दिल्ली राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- April 17, 2026
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Political Trust Magazine
नई दिल्ली। संसद में देर रात तक महिलाओं के आरक्षण, संविधान संशोधन, और परिसीमन से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा चली। कई बार लोकसभा की कार्यवाही बढ़ाई गई। देर रात तक बड़ी संख्या में सांसद सदन में मौजूद रहे और इस विधेयक पर हो रही चर्चा में हिस्सा लिया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महिला सांसदों की भागीदारी और मौजूदगी की तारीफ की। सदन की कार्यवाही पहले रात्रि 11 बजे तक बढ़ाई गई। फिर 12 बजे तक, एक बजे तक और आखिर में सांसदों के बोलने तक चलती रही। देर रात तक सदन में सांसद बिल पर चर्चा करते रहे और अपनी बात रखते रहे। स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा में महिलाओं की भागीदारी की तारीफ की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महिला सांसदों की भागीदारी और मौजूदगी की तारीफ की। सदन की कार्यवाही पहले रात्रि 11 बजे तक बढ़ाई गई। फिर 12 बजे तक, एक बजे तक और आखिर में सांसदों के बोलने तक चलती रही। देर रात तक सदन में सांसद बिल पर चर्चा करते रहे और अपनी बात रखते रहे। स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा में महिलाओं की भागीदारी की तारीफ की।
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उन्होंने कहा कि आज सबसे ज्यादा महिलाएं बैठी हैं। उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण बिल पर प्रतिबद्धता देखो, इतनी देर रात तक महिलाएं सदन में बैठी हैं। सदन में गिनती कर लो। आज पुरुषों का समय नहीं है।” 17 अप्रैल को देर रात 1:20 बजे सदन की कार्रवाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसकी घोषणा स्पीकर ओम बिरला ने की। सदन की कार्रवाई के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अप्रैल को लोकसभा में भाषण दिया। इसके बाद पक्ष और विपक्ष के तमाम नेताओं ने इस बिल पर चर्चा की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, प्रियंका गांधी, कंगना रनौत, केसी वेणुगोपाल, और असदुद्दीन ओवैसी समेत तमाम नेताओं ने अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को महिलाओं के आरक्षण बिल पर हो रही चर्चा को ऐतिहासिक पल बताया।
उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभा में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी से देश को नई दिशा मिलेगी। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे पहले जो समय बर्बाद हुआ है, उसकी भरपाई होगी। उन्होंने देश की ‘नारी शक्ति’ को सलाम करते हुए कहा कि यह समय की जरूरत है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए और इसमें और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी भी दी कि जो लोग इसका विरोध करेंगे, उसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज सबसे ज्यादा महिलाएं बैठी हैं। उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण बिल पर प्रतिबद्धता देखो, इतनी देर रात तक महिलाएं सदन में बैठी हैं। सदन में गिनती कर लो। आज पुरुषों का समय नहीं है।” 17 अप्रैल को देर रात 1:20 बजे सदन की कार्रवाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसकी घोषणा स्पीकर ओम बिरला ने की। सदन की कार्रवाई के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अप्रैल को लोकसभा में भाषण दिया। इसके बाद पक्ष और विपक्ष के तमाम नेताओं ने इस बिल पर चर्चा की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, प्रियंका गांधी, कंगना रनौत, केसी वेणुगोपाल, और असदुद्दीन ओवैसी समेत तमाम नेताओं ने अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को महिलाओं के आरक्षण बिल पर हो रही चर्चा को ऐतिहासिक पल बताया।
उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभा में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी से देश को नई दिशा मिलेगी। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे पहले जो समय बर्बाद हुआ है, उसकी भरपाई होगी। उन्होंने देश की ‘नारी शक्ति’ को सलाम करते हुए कहा कि यह समय की जरूरत है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए और इसमें और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी भी दी कि जो लोग इसका विरोध करेंगे, उसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।
