महिला आरक्षण को लागू करने के लिए 2023 में पारित कानून में अब संशोधन की तैयारी शुरू, कल से संसद सत्र  

 महिला आरक्षण को लागू करने के लिए 2023 में पारित कानून में अब संशोधन की तैयारी शुरू, कल से संसद सत्र  
नई दिल्ली। महिला आरक्षण को लोकसभा और विधानसभाओं में 2029 से लागू करने के लिए 2023 में पारित कानून में अब संशोधन की तैयारी शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में गुरुवार से संसद के दोनों सदनों का सत्र बुलाया गया है। जिसमें जरूरी विधेयकों को पेश कर उन्हें मंजूरी दिलाने की कोशिश की जाएगी। सरकार इस प्रक्रिया को तेज करते हुए आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करना चाहती है। लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम बदलाव संविधान के आर्टिकल 81 में प्रस्तावित है, जिसमें लोकसभा की सदस्य संख्या का प्रावधान है। वर्तमान में लोकसभा की अधिकतम संख्या 552 निर्धारित है, जिसमें से 550 निर्वाचित सदस्य हो सकते हैं। अब इसमें संशोधन कर सांसदों की अधिकतम संख्या 850 तक करने का प्रस्ताव है। शुरुआती तौर पर 816 निर्वाचित सांसदों की संख्या तय हो सकती है, जिसे भविष्य में 850 तक बढ़ाया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित बदलाव के तहत अधिकतम 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित की जा सकती हैं। इसके अलावा संविधान के अनुच्छेद 55, 82, 170, 330, 332 और 334A में भी संशोधन किए जाने की योजना है। इन सभी संशोधनों के बाद ही महिला आरक्षण के प्रावधान पूरी तरह लागू हो सकेंगे। सीटों का रोटेशन और संभावित असर महिला आरक्षण के तहत सीटों का रोटेशन भी किया जाएगा। माना जा रहा है कि किसी सीट को लगभग 15 वर्षों के लिए आरक्षित रखा जा सकता है, जिसके बाद उसे बदल दिया जाएगा। इस व्यवस्था से उन नेताओं को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, जो लंबे समय से एक ही सीट से जीतते आ रहे हैं और उसे अपना मजबूत गढ़ मानते हैं।