आईएमएफ ने जताया भारत की ग्रोथ मजबूत होने का अनुमान

 आईएमएफ ने जताया भारत की ग्रोथ मजबूत होने का अनुमान
वॉशिंगटन। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) के चीफ इकॉनमिस्ट पियरे-ओलिवियर गौरींचस ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्षों से वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के बावजूद भारत की ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। गौरींचस ने भारत, जापान, यूएई, नीदरलैंड्स और चिली के पत्रकारों से बातचीत में कहा कि‍ 2025 में भारत ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया है। उनके मुताबिक, वित्तीय वर्ष के आधार पर भारत की ग्रोथ लगभग 7.6 प्रति‍शत रहने का अनुमान है। उन्होंने यह भी कहा कि यह रफ्तार अगले साल भी जारी रहेगी।
आईएमएफ ने 2026 के लिए भारत की ग्रोथ 6.5 प्रत‍ि‍शत रहने का अनुमान लगाया है, जो पहले के अनुमान से थोड़ा बेहतर है। यह सुधार ऐसे समय में आया है, जब मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्षों की वजह से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसने भारत जैसे तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा क‍ि मिडिल ईस्ट का युद्ध असर तो डाल रहा है, लेकिन 2025 की मजबूत ग्रोथ उसकी भरपाई कर रही है। गौरींचस ने यह भी बताया कि भारत और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच व्यापार को लेकर तनाव कम हुआ है, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा क‍ि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड बातचीत से टैरिफ को लेकर अनिश्चितता कम हुई है और टैक्स भी घटा है। हालांकि, आईएमएफ का मानना है कि आने वाले समय में भारत में महंगाई बढ़ सकती है।
2026 में महंगाई बढ़कर 4.7 प्रत‍िशत तक जा सकती है, जिसकी वजह ग्लोबल एनर्जी की बढ़ती कीमतें और खाने-पीने की चीजों के दाम का बढ़ना है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि 2026 की शुरुआत में भारत में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ते हुए देखे गए हैं। हालांकि एक तरफ नजदीकी भविष्य में हालात स्थिर दिख रहे हैं, वहीं उन्होंने चेतावनी भी दी कि भारत की ऊर्जा (खासकर तेल) पर निर्भरता एक कमजोरी बन सकती है।