ताजनगरी में अंबेडकर जयंती पर बवाल, पुलिस ने देर रात दर्ज की एफआईआर
- उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय
Political Trust
- April 15, 2026
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आगरा। ताजनगरी आगरा में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर निकाली जा रही रैली के दौरान मंगलवार को आवास विकास कॉलोनी में जमकर हंगामा हुआ। अराजक तत्वों द्वारा परशुराम चौक की गरिमा को ठेस पहुँचाने और वहां नीला झंडा फहराने की घटना के बाद शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। ब्राह्मण समाज के कड़े विरोध और आंदोलन की चेतावनी के बाद पुलिस ने देर रात सिकंदरा थाने में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जूते पहनकर चौक पर चढ़ने और झंडा हटाने का आरोप प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12:30 बजे अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में एक रैली आवास विकास सेक्टर-6 स्थित परशुराम चौक से गुजर रही थी। आरोप है कि रैली में शामिल कुछ अराजक तत्व जूते-चप्पल पहनकर परशुराम चौक की वेदी पर चढ़ गए और वहां लगे धार्मिक झंडे को हटाकर नीला झंडा फहरा दिया। इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे। शुरुआत में एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने मामले को शांत करने के प्रयास में बयान दिया कि लोग केवल सेल्फी ले रहे थे और कोई चौक पर नहीं चढ़ा था। इस बयान पर स्थानीय पार्षद गौरव शर्मा और ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद पत्थरों और टूटे कैमरों को दिखाते हुए कहा कि पुलिस गुमराह करने की कोशिश कर रही है। भारी दबाव और साक्ष्यों के बाद डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे। शुरुआत में एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने मामले को शांत करने के प्रयास में बयान दिया कि लोग केवल सेल्फी ले रहे थे और कोई चौक पर नहीं चढ़ा था। इस बयान पर स्थानीय पार्षद गौरव शर्मा और ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद पत्थरों और टूटे कैमरों को दिखाते हुए कहा कि पुलिस गुमराह करने की कोशिश कर रही है। भारी दबाव और साक्ष्यों के बाद डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
