25 की उम्र में सफेदी की ओर बढ़ रहा हर तीसरा युवा
- दिल्ली राष्ट्रीय स्वास्थ्य
Political Trust
- April 9, 2026
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नई दिल्ली। आज हर तीसरा व्यक्ति इस बात से परेशान है, कि उसके बाल 25 की उम्र में ही सफेदी की ओर बढ़ रहे हैं। पर, क्या आप जानते हैं हाल ही में ऐसे मामले भी देखे गए हैं, जिनमें बच्चों के बाल भी सफेद हो रहे हैं। जी हां, सुनने में ये भले ही अजीब लगे लेकिन छोटे बच्चों के बालों में सफेदी की समस्या आजकल कम उम्र में देखने को मिल रही है।
बच्चे के बाल सामान्य से पहले सफेद होने लगे हैं, तो ये लेख आपके काम का होने वाला है। वैसे तो ये माता-पिता के लिए चिंता का कारण बन सकता है, लेकिन समय रहते उचित देखभाल और सावधानियों से इसे रोका जा सकता है। इस लेख में हम बच्चों में सफेद बाल के कारण और उनसे बचाव के उपाय विस्तार से बताएंगे।बच्चों में बालों का समय से पहले सफेद होना कई कारणों से हो सकता है। सबसे सामान्य कारण आनुवंशिकी या पारिवारिक इतिहास है। अगर माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों में बाल जल्दी सफेद हो जाते हैं, तो बच्चे में भी यह समस्या हो सकती है। इसके अलावा पोषण की कमी भी बालों की सफेदी का मुख्य कारण है। खासकर विटामिन B12, आयरन और प्रोटीन की कमी से शरीर पर्याप्त मेलानिन (बालों का रंग तय करने वाला पिगमेंट) नहीं बना पाता, जिससे बाल सफेद हो सकते हैं। थायरॉइड और हार्मोनल असंतुलन भी बालों को समय से पहले सफेद कर सकते हैं। थायरॉइड की समस्या से मेटाबोलिज्म धीमा होता है और बालों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
अत्यधिक मानसिक तनाव या दबाव भी बालों की सफेदी को बढ़ावा दे सकता है। बच्चों में भी तनाव के कारण हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे बालों में रंग की कमी हो सकती है।
अत्यधिक मानसिक तनाव या दबाव भी बालों की सफेदी को बढ़ावा दे सकता है। बच्चों में भी तनाव के कारण हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे बालों में रंग की कमी हो सकती है।
