केंद्र ने शहरी क्षेत्रों में 50 लाख नए पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य तय किया, एकल खिड़की क्लियरेंस से परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

 केंद्र ने शहरी क्षेत्रों में 50 लाख नए पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य तय किया, एकल खिड़की क्लियरेंस से परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) सेवाओं के विस्तार और आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए बैठक आयोजित कर एकल खिड़की क्लियरेंस लागू करने और पाइप लाइन बिछाने एवं काम करने के लिए सड़क तोड़ने की अनुमति को तेजी से मंजूरी देने पर चर्चा की गई। साथ ही इस बैठक में 50 लाख नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया।
केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने बताया कि यहां विज्ञान भवन में आयोजित गोलमेज बैठक में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी मौजूद रहे। तीनों मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे। राज्यों की ओर से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा और ओडिशा के शहरी विकास एवं खाद्य मंत्री बैठक में शामिल हुए, जबकि तेलंगाना, कर्नाटक और राजस्थान के मंत्री/प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के शहरी विकास विभाग और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव, नगर आयुक्त, जीएआईएल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के सीएमडी, तथा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन इकाइयों के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद थे।
मनोहर लाल ने कहा कि पीएनजी सेवाओं का विस्तार शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है और इससे नागरिकों को सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि एकल खिड़की क्लियरेंस लागू होने से परियोजनाओं की गति तेज होगी, सड़क काटने की अनुमति समय पर मिलेगी और उपभोक्ताओं को बिना देरी के कनेक्शन उपलब्ध हो सकेगा।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि 50 लाख नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन उपलब्ध कराने में मदद करेगा और यह ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान होगा। जीएआईएल के सीएमडी ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी हमारी होगी ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।