राज्यों के विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान अब तक 408.82 करोड़ मूल्य की अवैध वस्तुएं जब्त

 राज्यों के विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान अब तक 408.82 करोड़ मूल्य की अवैध वस्तुएं जब्त

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों तथा 6 राज्यों में होने वाले उपचुनावों को ‘प्रलोभन-मुक्त’ बनाने के लिए कमर कस ली है। आयोग के फ्लाइंग स्क्वाड की मुस्तैदी से द्वा 26 फरवरी से 25 मार्च 2026 तक देश के विभिन्न हिस्सों से 17.44 करोड़ रुपये की नकदी समेत 408.82 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध वस्तुएं जब्त की जा चुकी हैं।
भारत निर्वाचन आयोग का कहना है कि हमारा लक्ष्य पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव कराना है। प्रवर्तन अधिकारियों को सख्त निर्देश हैं कि जांच के दौरान आम नागरिकों को कोई असुविधा या उत्पीड़न न झेलना पड़े। इसी अभियान के तहत प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से जो चुनाव में अवैध प्रवाह को रोकने के यह कार्यवाही की जा रही है, जिसमें बरामदगी चौंकाने वाली है। मसलन चुनावों में मतदाताओं को लुभाने के मकसद से प्रयोग की जाने वाली 17.44 करोड़ रुपये की नकद राशि, 37.68 करोड़ रुपये की (लगभग 16.3 लाख लीटर शराब), ड्रग्स/नशीले पदार्थ: 167.38 करोड़ रुपये के ड्रग्स/नशीले पदार्थ, 23 करोड़ रुपये की सोने चांदी जैसी कीमती धातुओं के अलावा 163.30 करोड़ रुपये की अन्य कीमती सामग्री जब्त की गई है।
निगरानी के लिए बिछाया गया जाल
चुनाव आयोग ने हिंसा और धमकी मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पूरे चुनावी क्षेत्रों में 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए गए हैं। साथ ही, 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST) जगह-जगह नाकेबंदी कर अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही हैं।
सी-विजिल पर शिकायतों का अंबार
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शुरू किए गए ‘सी-विजिल’ मॉड्यूल का जनता जमकर उपयोग कर रही है। 15 मार्च से 25 मार्च के बीच 70,944 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 70,831 का निपटारा हो चुका है।खास बात है कि लगभग 95.8 प्रतिशत शिकायतों का समाधान निर्धारित 100 मिनट के भीतर किया गया।