रेलवे ने बदले टिकट कैंसिलेंशन के नियम, किसी भी स्टेशन पर कैंसिल कराए काउंटर टिकट
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- March 25, 2026
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने टिकटों की कालाबाजारी रोकने और दलालों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों को पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बताया कि अब यात्रियों को टिकट रद्द करने पर रिफंड तभी मिलेगा, जब वे ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करेंगे। यदि कोई यात्री 8 घंटे से कम समय में टिकट रद्द करवाता है, तो उसे एक भी पैसा वापस नहीं मिलेगा। अभी तक यह समय सीमा 4 घंटे की थी।
दलालों की ‘कॉर्नरिंग’ पर नकेल, आम यात्री को फायदा
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि अक्सर दलाल भारी मात्रा में टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर अंतिम समय में उन्हें कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे। अब नियमों को सख्त करने से टिकट दबाकर रखने की प्रवृत्ति कम होगी और वास्तविक यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि अक्सर दलाल भारी मात्रा में टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर अंतिम समय में उन्हें कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे। अब नियमों को सख्त करने से टिकट दबाकर रखने की प्रवृत्ति कम होगी और वास्तविक यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
नए नियमों के अनुसार:
72 घंटे से पहले: मामूली शुल्क काटकर पूरा रिफंड।
72 से 24 घंटे के बीच: 25 प्रतिशत राशि की कटौती।
24 से 8 घंटे के बीच: 50 प्रतिशत राशि की कटौती।
8 घंटे से कम समय: शून्य रिफंड (कोई पैसा वापस नहीं)।
ये नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में लागू किए जाएंगे।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने में बड़ी राहत
सख्ती के बीच रेलवे ने यात्रियों को एक बड़ी सुविधा भी दी है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन (चढ़ने का स्थान) बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही उपलब्ध थी। यह नियम उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा जो किसी कारणवश मूल स्टेशन के बजाय रास्ते के किसी अन्य स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहते हैं। हालांकि, एक बार बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद पुराने स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की अनुमति नहीं होगी।
कहीं भी कैंसिल कराएं काउंटर टिकट
एक और महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि अब रेलवे काउंटर से लिया गया टिकट देश के किसी भी रेलवे काउंटर पर जाकर रद्द कराया जा सकता है। पहले नियम था कि यात्री को उसी स्टेशन पर जाना पड़ता था जहाँ से टिकट लिया गया था। मोबाइल ऐप या वेबसाइट से लिए गए वेटिंग टिकट चार्ट बनने के बाद स्वतः रद्द होकर रिफंड खाते में पहुंच जाएंगे।
72 घंटे से पहले: मामूली शुल्क काटकर पूरा रिफंड।
72 से 24 घंटे के बीच: 25 प्रतिशत राशि की कटौती।
24 से 8 घंटे के बीच: 50 प्रतिशत राशि की कटौती।
8 घंटे से कम समय: शून्य रिफंड (कोई पैसा वापस नहीं)।
ये नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में लागू किए जाएंगे।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने में बड़ी राहत
सख्ती के बीच रेलवे ने यात्रियों को एक बड़ी सुविधा भी दी है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन (चढ़ने का स्थान) बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही उपलब्ध थी। यह नियम उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा जो किसी कारणवश मूल स्टेशन के बजाय रास्ते के किसी अन्य स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहते हैं। हालांकि, एक बार बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद पुराने स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की अनुमति नहीं होगी।
कहीं भी कैंसिल कराएं काउंटर टिकट
एक और महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि अब रेलवे काउंटर से लिया गया टिकट देश के किसी भी रेलवे काउंटर पर जाकर रद्द कराया जा सकता है। पहले नियम था कि यात्री को उसी स्टेशन पर जाना पड़ता था जहाँ से टिकट लिया गया था। मोबाइल ऐप या वेबसाइट से लिए गए वेटिंग टिकट चार्ट बनने के बाद स्वतः रद्द होकर रिफंड खाते में पहुंच जाएंगे।
