लोकभवन में कैबिनेट की बैठक में 35 प्रस्तावों पर मुहर

 लोकभवन में कैबिनेट की बैठक में 35 प्रस्तावों पर मुहर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और किसानों के हित में 35 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में कृषि, ऊर्जा और शहरी विकास से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए, जिससे सीधे तौर पर करोड़ों किसानों और आम जनता को लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
गेहूं की खरीद पर किसानों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने आगामी रबी सत्र के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस वृद्धि के साथ अब किसानों से गेहूं की खरीद नए निर्धारित मूल्य पर की जाएगी, जिससे उनकी आय में इजाफा होगा। सरकार ने खरीद केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई असुविधा न हो।
कानपुर में बिजली प्लांट और गोरखपुर बनेगी सोलर सिटी
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट ने कानपुर में नए बिजली प्लांट को शुरू करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इससे औद्योगिक नगरी कानपुर सहित आसपास के जिलों में बिजली की किल्लत दूर होगी। वहीं, गोरखपुर को ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना को भी मंजूरी मिली है। इसके तहत शहर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा और सरकारी भवनों सहित प्रमुख स्थानों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
विकास कार्यों के लिए 35 प्रस्तावों को मंजूरी
बैठक के दौरान कुल 35 प्रस्ताव पास किए गए, जिनमें सड़क निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कुछ नई नीतियों में संशोधन और निवेश को आकर्षित करने वाले प्रस्तावों को भी पारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
विपक्ष पर प्रहार और विकास का संकल्प
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन इकोनॉमी’ बनाना है। गेहूं के मूल्य में वृद्धि को किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया गया। वहीं, कानपुर और गोरखपुर के लिए लिए गए निर्णयों को क्षेत्रीय विकास की दिशा में मील का पत्थर करार दिया गया है। इन फैसलों से आगामी चुनावों से पहले जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाने की संभावना है।