पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष भयावह, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार
- दिल्ली राष्ट्रीय विदेश
Political Trust
- March 22, 2026
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तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों से ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 23वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच एक बार फिर अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आ रही है।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने एक बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार पेंटागन ने ईरान में जरूरत पड़ने पर अमेरिकी जमीनी सेना (ग्राउंड ट्रूप्स) भेजने के लिए पूरी योजना तैयार कर ली है। सूत्रों के अनुसार, यह योजना तब लागू हो सकती है जब डोनाल्ड ट्रंप आगे कोई बड़ा फैसला लेते हैं। हालांकि, अभी तक ट्रंप ने यह तय नहीं किया है कि किन हालात में वह सेना भेजने की मंजूरी देंगे।
मामले में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि पेंटागन का काम राष्ट्रपति को हर स्थिति के लिए तैयार रखना है। इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका ने ईरान में सेना भेजने का अंतिम फैसला कर लिया है। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल ग्राउंड ट्रूप्स भेजने की कोई योजना नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान में संभावित कार्रवाई के दौरान लोगों को पकड़ने और हिरासत में रखने की भी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जगह और व्यवस्था पर भी चर्चा हो रही है।
मामले में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि पेंटागन का काम राष्ट्रपति को हर स्थिति के लिए तैयार रखना है। इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका ने ईरान में सेना भेजने का अंतिम फैसला कर लिया है। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल ग्राउंड ट्रूप्स भेजने की कोई योजना नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान में संभावित कार्रवाई के दौरान लोगों को पकड़ने और हिरासत में रखने की भी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जगह और व्यवस्था पर भी चर्चा हो रही है।
