ईरान की ओर बढ़ रहे अमेरिका के ताकतवार युद्धपोत USS बॉक्सर
- दिल्ली राष्ट्रीय विदेश
Political Trust
- March 20, 2026
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तेहरान। पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और अब अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने ताकतवर युद्धपोत USS बॉक्सर को कैलिफोर्निया से रवाना कर दिया है। जानकारों के मुताबिक यह जहाज ईरान की ओर बढ़ रहा है। USS बॉक्सर, USS पोर्टलैंड और USS कॉमस्टॉक साथ में हैं, जिन पर 2500 सैनिक सवार हैं। ईरान के साथ चल रही जंग में अमेरिका लगभग आठ हजार सैनिकों की तैनाती में तेजी ला रहा है। इससे पहले USS ट्रिपोली पहले ही हिंद महासागर के पूर्वी हिस्से में मौजूद है। अब अमेरिका के पास एक साथ दो बड़े हमला करने वाले जहाज हो जाएंगे। ये ऐसे जहाज हैं जिनके जरिए सीधे सैनिकों को जमीन पर उतारा जा सकता है। इन जहाजों पर ही F-35B लड़ाकू विमान हैं, जो कम दूरी से उड़ान भर सकते हैं और रडार से बचने में सक्षम माने जाते हैं।
हालांकि हाल ही में ईरान ने एक F-35 को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है, जिससे साफ है कि हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। व्हाइट हाउस के अंदर भी हलचल तेज हैं चर्चा थी कि अमेरिका ईरान की खाड़ी में मौजूद कुछ द्वीपों पर कब्जा कर सकता है ताकि होरमुज जलडमरूमध्य को खोलने का रास्ता बनाया जा सके। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संभावना को खारिज कर दियां उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी जगह सैनिक नहीं भेज रहा हूं।’
USS ट्रिपोली 31वें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के साथ पहले ही ईरान की ओर बढ़ रहा है और वहां मौजूद USS जेराल्ड आर फोर्ड और USS अब्राहम लिंकन जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर की ताकत बढ़ाएगा. वहीं USS बॉक्सर भी USS कॉमस्टॉक, USS पोर्टलैंड और 11वें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के साथ रवाना हुआ है। इसमें कम से कम 2500 मरीन सैनिक तैनात हैं। इस तैनाती में 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट भी शामिल है, जिससे तीनों जहाजों पर नौसैनिकों और मरीन सैनिकों सहित कुल कर्मियों की संख्या लगभग 4,000 हो गई है।
USS ट्रिपोली 31वें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के साथ पहले ही ईरान की ओर बढ़ रहा है और वहां मौजूद USS जेराल्ड आर फोर्ड और USS अब्राहम लिंकन जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर की ताकत बढ़ाएगा. वहीं USS बॉक्सर भी USS कॉमस्टॉक, USS पोर्टलैंड और 11वें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के साथ रवाना हुआ है। इसमें कम से कम 2500 मरीन सैनिक तैनात हैं। इस तैनाती में 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट भी शामिल है, जिससे तीनों जहाजों पर नौसैनिकों और मरीन सैनिकों सहित कुल कर्मियों की संख्या लगभग 4,000 हो गई है।
