होर्मुज बना रहस्यमयी ‘ब्लाइंड स्पॉट’, जहाजों के लिए संकट खड़ा
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- March 11, 2026
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तेहरान। महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक- होर्मुज जलडमरूमध्य- अचानक एक रहस्यमयी ‘ब्लाइंड स्पॉट’ बन गया है। अमेरिका और इस्राइल के ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच, इस क्षेत्र में भारी इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल जैमिंग देखी जा रही है। हालात यह हैं कि जहाजों के नेविगेशन सिस्टम काम करना बंद कर चुके हैं और दुनिया की कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह चरमरा गई है। ब्लूमबर्ग द्वारा जुटाए गए ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, होर्मुज के पास जहाजों के कम से कम एक दर्जन क्लस्टर (समूह) दिखाई दिए हैं, जिनमें से कुछ समूहों में 200 से अधिक जहाज तक शामिल हैं। ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स पर ये जहाज अजीबोगरीब आकृतियां बनाते दिख रहे हैं; उदाहरण के लिए, अबू धाबी के पास जहाजों का एक गोलाकार समूह दिखा है, तो वहीं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रुवाइस के तट पर एक उल्टा ‘Z’ आकार बना हुआ है। ओमान की खाड़ी में भी कई जहाजों का समूह है, जो शायद तनाव कम होने या लोडिंग की स्पष्ट तारीखें मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के समय सेनाएं अक्सर ‘इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर’ का सहारा लेती हैं। इसी कारण इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के जरिए जहाजों के नेविगेशन सिस्टम में बाधा डाली जा रही है। स्टारबोर्ड मैरीटाइम इंटेलिजेंस के विश्लेषक मार्क डगलस के अनुसार, स्थिति इतनी ‘अभेद्य (impenetrable)’ हो गई है कि ट्रैकिंग डेटा के जरिए किसी भी जहाज का सटीक स्थान बता पाना लगभग असंभव है। कोई भी जहाज नेविगेशन के लिए जीपीएस पर भरोसा नहीं कर सकता। जैमिंग से जहाजों की स्पीड भी गलत दर्ज हो रही है; जैसे 16 नॉट्स की अधिकतम स्पीड वाला ‘एस्प्रौडा’ प्रोडक्ट टैंकर ट्रैकिंग में 102.2 नॉट्स (लगभग 190 किमी/घंटा) की असंभव गति से चलता हुआ दिखाई दिया।
