राम बरात में रंगों की बारिश, मुस्लिम समाज ने बरसाए फूल
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- March 3, 2026
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बरेली। बरेली की ऐतिहासिक राम बरात सोमवार को धूमधाम से निकाली गई। इसमें हुलियारों ने जमकर धमाल मचाया। रंगों के साथ अबीर-गुलाल बरसाया गया, जिससे हर कोई सराबोर हो गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने फूल बरसाकर राम बरात का स्वागत किया।
बरेली के ब्रह्मपुरी स्थित नृसिंह मंदिर से सोमवार को 166वीं बार राम बरात निकाली गई। सविधि पूजन के बाद रथ पर सवार होकर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण व हनुमान के स्वरूप नगर भ्रमण के लिए निकले तो श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर अगवानी की। श्रीराम के जयकारों के बीच हुरियारों की मोर्चाबंदी, रंगों की बारिश के बीच उड़ता गुलाल देख ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं ऋतुराज भगवान श्रीराम के अभिनंदन के लिए आतुर हों। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने राम बरात की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया।
श्रीराम लीला सभा ब्रह्मपुरी की ओर से निकाली गई इस शोभायात्रा में भक्तों का उल्लास चरम पर रहा। नृसिंह मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा मलूकपुर चौराहा, बिहारीपुर ढाल, कुतुबखाना, घंटाघर, नावल्टी चौराहा, बरेली कॉलेज गेट, कालीबाड़ी, श्यामगंज चौराहा, साहू गोपीनाथ, मठ की चौकी, शिवाजी मार्ग, बड़ा बाजार, किला चौराहा, सिटी सब्जी मंडी, मलूकपुर चौराहा होते हुए शाम छह बजे नृसिंह मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। जिला अस्पताल के पास डीजे की धुन पर हुरियारों ने जमकर धमाल मचाया।
165 साल पुराने रथ पर सवार हुए श्रीराम के स्वरूप
165 साल पुरानी रामलीला को वर्ष 2008 में यूनेस्को की ओर से वर्ल्ड हेरिटेज घोषित किया गया है। रामलीला में होली के दिन निकलने वाली राम बरात में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का रथ 165 साल पुराना है। श्रीराम के स्वरूप हर साल इसी रथ पर सवार होकर निकलते हैं।
पीस कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नदीम इकबाल की ओर से चार जगह राम बरात का स्वागत किया गया। दरगाह आला हजरत बिहारीपुर मोड़ पर शिविर लगाकर मुस्लिम समाज ने फूल बरसाए। आयोजकों को सम्मानित किया। पुराने रोडवेज के सामने नईम खान की अध्यक्षता में स्वागत किया गया। श्यामगंज और साहू गोपीनाथ इंटर कॉलेज चौक पर भी राम बरात का स्वागत किया गया। देश में अमन के साथ विदेश में फंसे भारतीयों की सकुशल वापसी के लिए दुआ की गई। असलम खान, मोनू खान, सोनू खान, सैयद सलमान, इमरान, बिलाल खान, मोंटू सक्सेना, जनार्दन आचार्य आदि शामिल रहे।
श्रीराम लीला सभा ब्रह्मपुरी की ओर से निकाली गई इस शोभायात्रा में भक्तों का उल्लास चरम पर रहा। नृसिंह मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा मलूकपुर चौराहा, बिहारीपुर ढाल, कुतुबखाना, घंटाघर, नावल्टी चौराहा, बरेली कॉलेज गेट, कालीबाड़ी, श्यामगंज चौराहा, साहू गोपीनाथ, मठ की चौकी, शिवाजी मार्ग, बड़ा बाजार, किला चौराहा, सिटी सब्जी मंडी, मलूकपुर चौराहा होते हुए शाम छह बजे नृसिंह मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। जिला अस्पताल के पास डीजे की धुन पर हुरियारों ने जमकर धमाल मचाया।
165 साल पुराने रथ पर सवार हुए श्रीराम के स्वरूप
165 साल पुरानी रामलीला को वर्ष 2008 में यूनेस्को की ओर से वर्ल्ड हेरिटेज घोषित किया गया है। रामलीला में होली के दिन निकलने वाली राम बरात में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का रथ 165 साल पुराना है। श्रीराम के स्वरूप हर साल इसी रथ पर सवार होकर निकलते हैं।
पीस कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नदीम इकबाल की ओर से चार जगह राम बरात का स्वागत किया गया। दरगाह आला हजरत बिहारीपुर मोड़ पर शिविर लगाकर मुस्लिम समाज ने फूल बरसाए। आयोजकों को सम्मानित किया। पुराने रोडवेज के सामने नईम खान की अध्यक्षता में स्वागत किया गया। श्यामगंज और साहू गोपीनाथ इंटर कॉलेज चौक पर भी राम बरात का स्वागत किया गया। देश में अमन के साथ विदेश में फंसे भारतीयों की सकुशल वापसी के लिए दुआ की गई। असलम खान, मोनू खान, सोनू खान, सैयद सलमान, इमरान, बिलाल खान, मोंटू सक्सेना, जनार्दन आचार्य आदि शामिल रहे।
