होली से पहले प्रदेश के कर्मचारियों के खाते में आ गई सेलरी, चेक करे खाता
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- March 2, 2026
- 0
- 60
- 1 minute read
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की फरवरी की सेलरी होली से पहले खातों में पहुंच गई है। जिससे नाराजगी खत्म हुई। सर्वर डाउन के कारण देरी हुई थी। वहीं बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में लगे शिक्षकों को अवकाश नहीं मिला। मुख्यमंत्री योगी ने त्योहारों पर सख्त सुरक्षा और निगरानी के निर्देश दिए।
प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी की बात है। फरवरी माह की सैलरी अकाउंट में क्रेडिट हो चुकी है। हालांकि इसे 28 फरवरी को आना था, लेकिन बैंक का सर्वर डाउन होने की वजह से नहीं आ पाई थी, तो कर्मचारियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। जो आज (दो मार्च) को सुबह आ चुकी है।
कर्मचारियों व पेंशनर्स में आक्रोश था
सरकार की घोषणा के बावजूद माह के अंतिम दिन तक वेतन और पेंशन न मिलने से कर्मचारियों व पेंशनर्स में आक्रोश था। इसके पीछे सर्वर डाउन होने की बात बताई जा रही है। उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा था कि होली से पूर्व भुगतान का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, शनिवार देर रात तक खातों में राशि नहीं पहुंची। वहीं, सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने बताया था कि कई जिलों से पेंशन न मिलने की शिकायतें आई थीं।
होली पर परीक्षा कार्य में लगे शिक्षक फंसे
यूपी बोर्ड परीक्षा में स्ट्रांग रूम और केंद्र व्यवस्थापक की ड्यूटी निभा रहे शिक्षक व प्रधानाध्यापक होली पर घर जाने को लेकर असमंजस में हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव द्वारा जारी सख्त आदेश के बाद जिलों में शिक्षकों को रिलीव नहीं किया जा रहा है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी संबंधित मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। संयुक्त व अपर शिक्षा निदेशक भी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
निर्देश में अवकाश अवधि में भी स्ट्रांग रूम की सतत निगरानी, आकस्मिक निरीक्षण, सुरक्षा, गोपनीयता और सीसीटीवी जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय व प्रांतीय महामंत्री अरुण यादव ने इसका विरोध करते हुए कहा कि 1 से 8 मार्च तक परीक्षा नहीं है, इसलिए शिक्षकों को होली अवकाश में गृह जनपद जाने की अनुमति मिलनी चाहिए।
कर्मचारियों व पेंशनर्स में आक्रोश था
सरकार की घोषणा के बावजूद माह के अंतिम दिन तक वेतन और पेंशन न मिलने से कर्मचारियों व पेंशनर्स में आक्रोश था। इसके पीछे सर्वर डाउन होने की बात बताई जा रही है। उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा था कि होली से पूर्व भुगतान का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, शनिवार देर रात तक खातों में राशि नहीं पहुंची। वहीं, सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने बताया था कि कई जिलों से पेंशन न मिलने की शिकायतें आई थीं।
होली पर परीक्षा कार्य में लगे शिक्षक फंसे
यूपी बोर्ड परीक्षा में स्ट्रांग रूम और केंद्र व्यवस्थापक की ड्यूटी निभा रहे शिक्षक व प्रधानाध्यापक होली पर घर जाने को लेकर असमंजस में हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव द्वारा जारी सख्त आदेश के बाद जिलों में शिक्षकों को रिलीव नहीं किया जा रहा है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी संबंधित मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। संयुक्त व अपर शिक्षा निदेशक भी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
निर्देश में अवकाश अवधि में भी स्ट्रांग रूम की सतत निगरानी, आकस्मिक निरीक्षण, सुरक्षा, गोपनीयता और सीसीटीवी जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय व प्रांतीय महामंत्री अरुण यादव ने इसका विरोध करते हुए कहा कि 1 से 8 मार्च तक परीक्षा नहीं है, इसलिए शिक्षकों को होली अवकाश में गृह जनपद जाने की अनुमति मिलनी चाहिए।
