तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाज; बेरूत पर इजराइल ने की बमबारी
- दिल्ली राष्ट्रीय विदेश
Political Trust
- March 2, 2026
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नई दिल्ली। ईरान की राजधानी तेहरान के विभिन्न हिस्सों में लगातार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं हैं, जिससे शहर में तनाव और भय का माहौल बन गया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, मिसाइल और हवाई हमलों के कारण राजधानी के उत्तरी, पश्चिमी और केंद्रीय इलाकों में धमाके गूंज रहे हैं और आसमान में धुएं के गुबार उठते देखे गए हैं।
कतर ने ईरानी हमलों के जवाब में अपनी सुरक्षा रणनीति में बदलाव किया है। पिछले 48 घंटों में देश ने पैट्रियट डिफेंस सिस्टम तैनात किया था ताकि मिसाइल और ड्रोन को रोक सके, लेकिन इससे गिरते मलबे का खतरा भी बना रहता था। अब कतर की रक्षा मंत्रालय ने फैसला किया है कि लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर मिसाइलों को सीधे शहर दोहा के ऊपर नहीं, बल्कि गल्फ के पानी में नष्ट किया जाएगा।
अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने अब ईरान पर अपने हमले और तेज कर दिए हैं। अमेरिका ने दावा किया कि उसने ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के मुख्यालय को पूरी तरह मलबे में बदल दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस बड़े हमले की पुष्टि की है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की अमेरिका और इस्राइल द्वारा की गई हत्याओं की निंदा की है।पत्र में खामेनेई की हत्या को कायरतापूर्ण आतंकवादी कृत्य और खतरनाक व अभूतपूर्व सैन्य वृद्धि बताया गया है, जो राष्ट्रों के बीच संवैधानिक और सभ्य आचार के मूल सिद्धांतों पर हमला करती है।
अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने अब ईरान पर अपने हमले और तेज कर दिए हैं। अमेरिका ने दावा किया कि उसने ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के मुख्यालय को पूरी तरह मलबे में बदल दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस बड़े हमले की पुष्टि की है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की अमेरिका और इस्राइल द्वारा की गई हत्याओं की निंदा की है।पत्र में खामेनेई की हत्या को कायरतापूर्ण आतंकवादी कृत्य और खतरनाक व अभूतपूर्व सैन्य वृद्धि बताया गया है, जो राष्ट्रों के बीच संवैधानिक और सभ्य आचार के मूल सिद्धांतों पर हमला करती है।
