एआई इंपैक्ट समिट: बोले PM- भारत आज तकनीक में कर रहा तरक्की

 एआई इंपैक्ट समिट: बोले PM- भारत आज तकनीक में कर रहा तरक्की
नई दिल्ली। पीएम मोदी ने एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट के शुभारंभ से पहले कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की ताकत, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और शोध के दम पर भारत एआई परिवर्तन की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में तेजी से प्रगति कर रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं।
राजधानी दिल्ली में आज मेगा एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट की शुरुआत हो रही है, जिसमें दुनिया भर के प्रमुख टेक लीडर्स और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस बड़े आयोजन के तहत बाद में ‘एआई इंडिया एक्सपो’ का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि दुनिया भर से लोगों का इस समिट में आना भारत के लिए गर्व की बात है और यह देश के युवाओं की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर इस बात का प्रमाण है कि भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि India AI Impact Summit के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है। यह अवसर इस बात का भी प्रमाण है कि हमारा देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास देश आज एआई परिवर्तन के अग्रिम पंक्ति में खड़ा है।
पीएम ने आगे कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की सामूहिक शक्ति के कारण देश आज एआई परिवर्तन के अग्रिम पंक्ति में खड़ा है। उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और अत्याधुनिक शोध को भारत की एआई प्रगति की प्रमुख ताकत बताया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एआई के क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति केवल महत्वाकांक्षा ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।
क्या है एआई इम्पैक्ट समिट?
16 से 20 फरवरी तक चलने वाला एआई इंडिया इम्पैक्ट एक्सपो समिट के साथ आयोजित किया जा रहा है और इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक उपयोगों के राष्ट्रीय प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। करीब 70,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस एक्सपो के 10 एरीना में वैश्विक टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थान, शोध संगठन, केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें और अंतरराष्ट्रीय साझेदार भाग लेंगे।