बजट 2026-27 विकसित भारत की मजबूत नींव, गांव-गरीब-किसान के लिए ऐतिहासिक कदम: शिवराज सिंह चौहान

 बजट 2026-27 विकसित भारत की मजबूत नींव, गांव-गरीब-किसान के लिए ऐतिहासिक कदम: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट वर्ष 2047 तक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला रखता है। यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत 12वां बजट है और वित्त मंत्री  निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार 9वीं बार बजट पेश किया जाना देश के लिए गौरव का विषय है।

चौहान ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों और योजनाओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आशाओं, आकांक्षाओं और सपनों का घोषणापत्र है। किसान, युवा, महिला और गरीब-इन चारों वर्गों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाने वाला यह बजट विकसित भारत के सपने को साकार करने का महाकाव्य है। उन्होंने इसे “डेवलप्ड इंडिया का डायनामिक बजट” बताते हुए कहा कि यह समाज की समृद्धि और संकल्पों की सिद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रही योजनाओं के कारण गरीबी में लगातार कमी आ रही है और यह बजट गरीब को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाते हुए लखपति दीदी योजना को और सशक्त किया गया है तथा ‘SHE-मार्ट’ के माध्यम से ग्रामीण बहनों को उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रत्येक जिले में कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट्स के जरिए स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को नया बाजार मिलेगा, जिससे वे आजीविका से आगे बढ़कर उद्यमिता की ओर अग्रसर होंगी।
ग्रामीण विकास पर सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए श्री चौहान ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट में इस वर्ष 21 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय का सम्मिलित बजट अब 4 लाख 35 हजार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के लिए राज्यों के अंशदान सहित लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मनरेगा में केंद्र का हिस्सा बढ़ाकर 95,692 करोड़ रुपये से अधिक किया गया है, जो राज्यों के योगदान सहित 1.51 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंचता है और इसे उन्होंने ऐतिहासिक बताया।
पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। 16वें वित्त आयोग के निर्णय के अनुसार पंचायतों को सीधे 55,900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जाएगी। पहले जहां पांच वर्षों में पंचायतों को लगभग 2.36 लाख करोड़ रुपये मिलते थे, अब यह राशि बढ़कर 4.35 लाख करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान विकसित, स्वावलंबी, रोजगारयुक्त और गरीबी-मुक्त गांवों के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कृषि बजट बढ़ाकर 1.32 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है। कृषि शिक्षा और अनुसंधान, विशेषकर आईसीएआर के लिए लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे नवाचार और शोध को गति मिलेगी। किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की उर्वरक सब्सिडी दी गई है, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और किसानों को सीधी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि नेशनल फाइबर स्कीम के तहत सिल्क, वूल और जूट जैसे फाइबर पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे इनसे जुड़े किसानों को सीधा लाभ होगा। आयुष मंत्रालय के अंतर्गत औषधीय पौधों के सर्टिफिकेशन और निर्यात से जुड़े प्रावधानों से मेडिसिनल प्लांट्स उगाने वाले किसानों की आय बढ़ेगी। कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए नारियल, कोको, काजू और चंदन जैसी उच्च-मूल्य फसलों पर विशेष फोकस किया गया है। पुराने नारियल बागानों के पुनरुद्धार और नए बाग लगाने के लिए भी बजट में प्रावधान किए गए हैं। साथ ही फल-सब्ज़ी उत्पादन और उनकी बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था से किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
अंत में  शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गांवों के विकास, किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को सशक्त बनाने और गरीबी उन्मूलन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रावधानों के माध्यम से विकसित भारत का सपना साकार होगा और देश निर्णायक सफलता की ओर आगे बढ़ेगा।