आयकर अधिनियम 2025 1 अप्रैल से होगा लागू, कमाई छिपाने पर लगेगा 100 प्रतिशत जुर्माना
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- February 1, 2026
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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश बजट में देश के प्रत्यक्ष कर ढांचे में ऐतिहासिक बदलावों का ऐलान किया है। सरकार ने जहां एक तरफ ईमानदार करदाताओं को अनुपालन में राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ टैक्स चोरी करने या आय छिपाने वालों के लिए नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। यह बजट छह दशक पुराने कानूनों की जगह नए ‘आयकर अधिनियम 2025’ की नींव रखता है।
टैक्स से जुड़े बड़े बदलाव :
आय की गलत जानकारी देने पर 100% जुर्माना सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। बजट प्रस्ताव के अनुसार, अगर कोई करदाता अपनी आय की गलत जानकारी (Income Misreporting) देता है, तो उस पर 100 फीसदी जुर्माना लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि जितनी टैक्स चोरी की कोशिश की गई है, उसके बराबर ही अतिरिक्त राशि दंड के रूप में चुकानी होगी।
ITR सुधारने के लिए अब 31 मार्च तक का वक्त करदाताओं को एक बड़ी राहत देते हुए सरकार ने ‘रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न’ (Revised ITR) दाखिल करने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब करदाता वित्त वर्ष खत्म होने के बाद 31 दिसंबर के बजाय 31 मार्च तक अपने रिटर्न में सुधार कर सकेंगे।
• यह सुविधा ओरिजिनल रिटर्न और देरी से भरे गए रिटर्न दोनों के लिए उपलब्ध होगी।
• हालांकि, 31 दिसंबर के बाद रिटर्न में बदलाव करने पर आय (5 लाख से कम या ज्यादा) के आधार पर 1,000 रुपये या 5,000 रुपये की मामूली फीस देनी होगी।
आय की गलत जानकारी देने पर 100% जुर्माना सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। बजट प्रस्ताव के अनुसार, अगर कोई करदाता अपनी आय की गलत जानकारी (Income Misreporting) देता है, तो उस पर 100 फीसदी जुर्माना लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि जितनी टैक्स चोरी की कोशिश की गई है, उसके बराबर ही अतिरिक्त राशि दंड के रूप में चुकानी होगी।
ITR सुधारने के लिए अब 31 मार्च तक का वक्त करदाताओं को एक बड़ी राहत देते हुए सरकार ने ‘रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न’ (Revised ITR) दाखिल करने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब करदाता वित्त वर्ष खत्म होने के बाद 31 दिसंबर के बजाय 31 मार्च तक अपने रिटर्न में सुधार कर सकेंगे।
• यह सुविधा ओरिजिनल रिटर्न और देरी से भरे गए रिटर्न दोनों के लिए उपलब्ध होगी।
• हालांकि, 31 दिसंबर के बाद रिटर्न में बदलाव करने पर आय (5 लाख से कम या ज्यादा) के आधार पर 1,000 रुपये या 5,000 रुपये की मामूली फीस देनी होगी।
