बजट से रियल एस्टेट झटका, लंबी अवधि में लाभ की उम्मीद

 बजट से रियल एस्टेट झटका, लंबी अवधि में लाभ की उम्मीद
नई दिल्ली। रियल एस्टेट को आम बजट से जो उम्मीद थी उसको झटका लगा है। बजट में सीधे फायदे के उपाय कम किए हैं। लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर कई ऐसे प्रावधान हैं, जिनसे रियल एस्टेट को लंबी अवधि में लाभ हो सकता है। इनमें टियर 2 और 3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खास ध्यान, पूंजी व्यय बढ़ना, सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज एसेट्स को रीसायकल करने के लिए डेडिकेटेड  का प्रस्ताव, 2047 तक डेटा सेंटर के लिए टैक्स हॉलिडे, नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर आदि शामिल हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जोर से बढ़ेगी मांग
आम बजट में टियर-2 व टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को लाभ होगा। एनारॉक समूह के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि यह बजट निवेश के हिसाब से अच्छा है। लेकिन रियल एस्टेट सेक्टर के लिए तुरंत रामबाण जैसा कुछ नहीं है। इसमें सीधे तौर पर फायदे के लिए खास प्रावधान नहीं हैं लेकिन लंबी अवधि में फायदे और निवेश के लिए कई प्रावधान हैं। टियर-2 व टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जोर से रियल एस्टेट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
रियल एस्टेट उद्योग के प्रमुख संगठनों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पूंजीगत व्यय को 11.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का फैसला, जिसमें 5 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहरों पर विशेष तौर पर फोकस किया गया है, एक दूरदर्शी कदम है। इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों रियल एस्टेट के लिए बूस्टर बनेंगे और यह मेट्रो शहरों से परे संतुलित शहरीकरण को तेज करेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन चरणों के दौरान प्रोजेक्ट्स के जोखिम को कम करने में मदद करेगा। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) की भूमि के लिए अलग-अलग REITs स्थापित करने का प्रस्ताव सराहनीय कदम है। इससे कम उपयोग हो रही परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग संभव होगा और कमर्शियल रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता व तरलता बढ़ेगी।