घरेलू मांग के दम पर सेल के मुनाफे में रिकॉर्ड उछाल, Q3 और 9 माह में मजबूत प्रदर्शन
नई दिल्ली – 31 जनवरी 2026।
भारत की महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही और 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ माह की अवधि में शानदार वित्तीय नतीजे दर्ज किए हैं। घरेलू बाजार में मजबूत मांग, बिक्री मात्रा में तेज बढ़ोतरी और प्रभावी वित्तीय प्रबंधन के चलते कंपनी के मुनाफे में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में सेल का शुद्ध लाभ साल-दर-साल आधार पर 163.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 374.03 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 141.89 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय 11 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 27,545.93 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। EBITDA में भी करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें समेकित EBITDA 2,630 करोड़ रुपये और स्टैंडअलोन EBITDA 2,294 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन सुधरकर 8.4 प्रतिशत पर पहुंच गया।
वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों (9M FY26) के प्रदर्शन की बात करें तो कर पश्चात लाभ 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,554 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 970 करोड़ रुपये था। इस दौरान बिक्री कारोबार 9.4 प्रतिशत बढ़कर 79,425 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने करीब 5,000 करोड़ रुपये का ऋण भी सफलतापूर्वक कम किया है। उत्पादन और बिक्री के मोर्चे पर भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला, जहां कच्चे इस्पात का उत्पादन 2 प्रतिशत बढ़कर 14.35 मिलियन टन रहा, वहीं बिक्री मात्रा में 16.3 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ यह 14.61 मिलियन टन तक पहुंच गई।
सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि उच्च बिक्री मात्रा, ऑपरेटिंग लीवरेज के बेहतर उपयोग और विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के कारण, अस्थिर इनपुट लागतों के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है।
हालांकि मजबूत वित्तीय नतीजों के बावजूद शेयर बाजार में इसका असर पूरी तरह सकारात्मक नहीं दिखा। 30 जनवरी 2026 को सेल का शेयर 3.94 प्रतिशत गिरकर 151.05 रुपये पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट व्यापक बाजार स्थितियों और कुछ लेखा संबंधी टिप्पणियों के कारण हो सकती है। वैधानिक लेखा परीक्षकों ने एंट्री टैक्स प्रावधान, जल शुल्क और कुछ रिफंड के लेखांकन को लेकर आपत्तियां दर्ज की हैं, जिनका समायोजन होने पर रिपोर्टेड मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
कंपनी ने जानकारी दी है कि 2 फरवरी 2026 को दोपहर 12:30 बजे एनालिस्ट और संस्थागत निवेशकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें वित्तीय परिणामों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
