सेसमी स्ट्रीट मपेट्स से बच्चों को मिलेगे बीमारियों से बचने की टिप्स

 सेसमी स्ट्रीट मपेट्स से बच्चों को मिलेगे बीमारियों से बचने की टिप्स
नई दिल्ली। छोटे बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए स्वस्थ रहने के टिप्स अब सेसमी स्ट्रीट मपेट्स देंगे। सेसमी स्ट्रीट की ये कठपुतलियां न केवल हेल्दी रहने के टिप्स देंगी बल्कि बच्चों को बेहतर पोषण देने के लिए माता-पिता को भी जागरुक करेंगी। सेसमी स्ट्रीट के पीछे काम करने वाले एनजीओ ने स्वास्थ्य सेवा कंपनी एबॉट के सहयोग से भारत में बच्चों और परिवारों के लिए स्वस्थ आदतों से जुड़े नए संसाधनों की शुरुआत की है।
इस पहल का उद्देश्य बचपन से ही पोषण, शारीरिक गतिविधि और अच्छी नींद जैसी स्वस्थ दिनचर्या को बढ़ावा देना है, ताकि बच्चों के जीवनभर के स्वास्थ्य की मजबूत नींव रखी जा सके और भविष्य में बीमारियों का खतरा कम हो। इसकी शुरुआत भारत के आंगनबाड़ी केंद्रों से की जा रही है। जहां हिन्दी भाषा में कहानी की किताबें, गतिविधि पुस्तकें, योग गाइड, कैलेंडर, फ्लैशकार्ड और इंटरैक्टिव खेल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सिर्फ यहीं नहीं ये संसाधन सामुदायिक मंचों और डिजिटल माध्यमों के जरिये परिवारों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं तक पहुंचाए जाएंगे।
बच्चों के लिए भारत में एबॉट और सेसमी वर्कशॉप द्वारा हिन्दी भाषा में स्वास्थ्य से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे परिवारों के लिए इन बातों को समझना और अपनाना आसान हो सके। इस पहल के अंतर्गत एल्मोज वर्ल्ड डांस पार्टी नामक एक विशेष पारिवारिक कार्यक्रम हिन्दी में भारत के यूट्यूब चैनल पर लॉन्च किया गया है। इसमें सेसमी स्ट्रीट के लोकप्रिय पात्र, संगीत और मज़ेदार गतिविधियां शामिल हैं, जो बच्चों और अभिभावकों को मिलकर स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
इस बारे में महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर समय रहते ध्यान देने की जरूरत है संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, सही दिनचर्या और सकारात्मक सोच जैसी आदतें बचपन से अपनाने पर बच्चे स्वस्थ और सशक्त बनते हैं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए सरकार, समुदाय, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों के बीच सहयोग को जरूरी बताया। वहीं सेसमी वर्कशॉप इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर सोनाली ने कहा कि अगर स्वस्थ आदतें बचपन में विकसित की जाएं, तो वे जीवनभर के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती हैं। भारत में बच्चों और किशोरों में मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। स्वस्थ आदतों की शुरुआत बचपन से ही होती है। सेसमी वर्कशॉप के साथ मिलकर उन्होंने शोध-आधारित और निःशुल्क संसाधनों वाला ऐसा कार्यक्रम तैयार किया है, जो परिवारों को छोटे-छोटे कदमों से स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ने में मदद करता है।