अब भाजपा सांसद UGC के नए नियमों के खिलाफ उतरे, कहा-ये समाज को जाति में बांटने का फैसला

 अब भाजपा सांसद UGC के नए नियमों के खिलाफ उतरे, कहा-ये समाज को जाति में बांटने का फैसला
नई दिल्ली। भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने नए यूजीसी एंटी-डिस्क्रिमिनेशन नियमों को ‘जातिगत विभाजन’ बताया है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को जातियों के आधार पर बांटना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इन नियमों से किसी को भी फायदा नहीं होगा।
नए UGC एंटी-डिस्क्रिमिनेशन नियमों पर बीजेपी सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि यूजीसी ने जो ये फैसला किया है,मुझे लगता है कि यूजीसी के अधिकारियों ने ये फैसला पता नहीं क्या सोचकर लिया है। जात-पात को बढ़ावा देने के लिए और हिंदू समाज को कई जातियों में बांटने के लिए किया गया है। मुझे नहीं लगता कि इससे कोई अर्थ निकलता है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से किसी को कोई लाभ नहीं है।
उन्होंने कहा कि न ही सवर्ण को, न ही ओबीसी को और न ही एससी/एसटी को. कॉलेज और शिक्षण संस्थान में एक अच्छा वातावरण बना रहना चाहिए। ये रैगिंग नहीं होनी चाहिए। ये सबके लिए होना चाहिए। रैगिंग बुरी चीज है और ये सबके लिए बुरी है, लेकिन इसे जातियों में बांटना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में इसका जिस ढंग से विरोध हो रहा है, मुझे लगता है कि सरकार इस बात का संज्ञान लेगी या फिर यूजीसी को इसे खुद रिव्यू करके ऐसे आदेश को वापस लेना चाहिए।
युवा विंग के नेता ने भी दिया इस्तीफा
इस मामले को लेकर बीजेपी युवा विंग के नेता राजू पंडित ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि ये नियम सुधार के बजाय बंटवारा बढ़ा रहे हैं। इसमें छात्रों और शिक्षकों की ओर से उठाए गए मुद्दों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस इस्तीफे को सबूत के तौर पर पेश किया है। उत्तर प्रदेश में सिटी मजिस्ट्रेट के रिजाइन के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि UGC नियमों का विरोध सिर्फ़ छात्र राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक और राजनीतिक सिस्टम में भी पहुंच गया है।