प्रदूषण में गिरावट के बाद ग्रेप तीन की पाबंदिया हटी
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- January 24, 2026
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नई दिल्ली। वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप-3 की पाबंदियों को हटा दिया गया है। वायु प्रदूषण में गिरावट देख वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने यह फैसला लिया है। हालांकि ग्रेप-1 और ग्रेप-2 के तहत आने वाले प्रतिबंध लागू रहेंगे। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार दोपहर दिल्ली का (एक्यूआई) 322 दर्ज किया गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
ग्रेप तीन हटने से बदलाव
ग्रेप-3 हटने के बाद दिल्ली और आसपास के इलाकों में बीएस-तीन पेट्रोल और बीएस-चार डीजल वाहनों पर प्रतिबंध हट गया है। इससे ये वाहन बिना रोक-टोक के जा सकेंगे।
जानिए क्या है ग्रेप फार्मूला?
ग्रेप को दिल्ली एनसीआर में प्रतिकूल वायु गुणवत्ता के चार अलग-अलग चरण के हिसाब से बांटा गया गया है। ग्रेप का चरण-1 उस वक्त लागू होता है, जब दिल्ली में AQI का स्तर 201-300 के बीच होता है। मौजूदा समय में दिल्ली में ग्रेप का चरण-1 ही प्रभावी था। ग्रेप का दूसरा चरण उस परिस्थिति में प्रभावी होता है, जब राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 301-400 के बीच ‘बहुत खराब’ मापा जाता है। चरण-3 ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता के बीच लागू किया जाता है। इस वक्त दिल्ली में एक्यूआई 401-450 के बीच होता है। वहीं ग्रेप कार्य योजना का अंतिम और चरण-4 ‘गंभीर +’ वायु गुणवत्ता की परिस्थिति में लागू किया जाता है।
ग्रेप-3 हटने के बाद दिल्ली और आसपास के इलाकों में बीएस-तीन पेट्रोल और बीएस-चार डीजल वाहनों पर प्रतिबंध हट गया है। इससे ये वाहन बिना रोक-टोक के जा सकेंगे।
जानिए क्या है ग्रेप फार्मूला?
ग्रेप को दिल्ली एनसीआर में प्रतिकूल वायु गुणवत्ता के चार अलग-अलग चरण के हिसाब से बांटा गया गया है। ग्रेप का चरण-1 उस वक्त लागू होता है, जब दिल्ली में AQI का स्तर 201-300 के बीच होता है। मौजूदा समय में दिल्ली में ग्रेप का चरण-1 ही प्रभावी था। ग्रेप का दूसरा चरण उस परिस्थिति में प्रभावी होता है, जब राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 301-400 के बीच ‘बहुत खराब’ मापा जाता है। चरण-3 ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता के बीच लागू किया जाता है। इस वक्त दिल्ली में एक्यूआई 401-450 के बीच होता है। वहीं ग्रेप कार्य योजना का अंतिम और चरण-4 ‘गंभीर +’ वायु गुणवत्ता की परिस्थिति में लागू किया जाता है।
