सुप्रीम कोर्ट का निर्देश…धार भोजशाला में ‘सूर्योदय से सूर्यास्त तक प्रार्थना कर सकेंगे’

 सुप्रीम कोर्ट का निर्देश…धार भोजशाला में ‘सूर्योदय से सूर्यास्त तक प्रार्थना कर सकेंगे’
नई दिल्ली। बीते कई वर्षों से धार भोजशाला को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच विवाद है। इस साल बसंत पंचमी के पूरे दिन पूजा की मांग को लेकर हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। मुस्लिम पक्ष ने इसका विरोध करते हुए याचिका दायर की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी के दिन धार में विवादित भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को प्रार्थना करने की अनुमति दी है। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को भी शुक्रवार के दिन दोपहर 1 बजे से लेकर 3 बजे तक नमाज पढ़ने की इजाजत दी है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम दोनों पक्षों से अपील करते हैं कि वे आपसी सम्मान और सहयोग बरकरार रखें। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य और जिला प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा और सुनवाई में क्या हुआ?
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने कहा कि कल दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज के लिए आने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों की संख्या जिला प्रशासन को बता दी जाए, पीठ ने कहा कि ये संख्या जिला प्रशासन को आज ही बता दी जाए। प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भोजशाला आने वालों के लिए पास जारी कर सकता है या कोई और सही तरीका अपना सकता है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।