आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों पर केंद्रित इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सम्मेलन आज से शुरू
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- January 20, 2026
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बंगलूरू। आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों पर आज से बंगलूरू में अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सम्मेलन शुरू हो रहा है। इसमें कई बड़े देशों के रक्षा विशेषज्ञ भविष्य के ‘अदृश्य युद्ध’ से निपटने की रणनीति पर मंथन करेंगे। नेटवर्किंग और डाटा आधारित युद्ध की तैयारी के लिहाज से यह सम्मेलन भारतीय सेना के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
आधुनिक युद्धक्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर की बढ़ती भूमिका देखते हुए बंगलूरू में 7वां अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सम्मेलन मंगलवार से शुरू होगा। तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत सहित अमेरिका, इस्राइल, कनाडा, इटली, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे प्रमुख देशों की 48 इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर संस्थाएं भाग लेंगी।
भविष्य के युद्ध के लिए खुद को तैयार करने में जुटी भारतीय सेना ने साल 2026 और 2027 को नेटवर्किंग और डाटा सेंट्रिसिटी वर्ष के तौर पर मनाने का फैसला किया है। इसको देखते हुए यह सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित हिस्सा लेंगे। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, सूचना संचालन और साइबर-इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऑपरेशन के क्षेत्र में काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी जमा होंगे।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का आयोजन रक्षा मंत्रालय, डीआरडीओ और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की मदद से एसोसिएशन ऑफ ओल्ड क्रोज (एओसी) नाम की संस्था कर रही है। सम्मेलन में सैन्य बलों, डीआरडीओ, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और रक्षा उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों की भागीदारी भी होगी। इस दौरान लगभग 130 उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
भविष्य के युद्ध के लिए खुद को तैयार करने में जुटी भारतीय सेना ने साल 2026 और 2027 को नेटवर्किंग और डाटा सेंट्रिसिटी वर्ष के तौर पर मनाने का फैसला किया है। इसको देखते हुए यह सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित हिस्सा लेंगे। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, सूचना संचालन और साइबर-इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऑपरेशन के क्षेत्र में काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी जमा होंगे।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का आयोजन रक्षा मंत्रालय, डीआरडीओ और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की मदद से एसोसिएशन ऑफ ओल्ड क्रोज (एओसी) नाम की संस्था कर रही है। सम्मेलन में सैन्य बलों, डीआरडीओ, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और रक्षा उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों की भागीदारी भी होगी। इस दौरान लगभग 130 उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
