यूरोप-US टकराव? ट्रंप के टैरिफ से निपटने की कवायद तेज

 यूरोप-US टकराव? ट्रंप के टैरिफ से निपटने की कवायद तेज
नई दिल्ली। ट्रंप की धमकी के बाद ईयू ने कूटनीतिक दबाव बढ़ाने और जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू की है। ब्रसेल्स में आपात बैठक बुलाई है। बाजारों में हलचल तेज हो गई है।  EU-अमेरिका व्यापार समझौता फिलहाल खटाई में नजर आ रहा है।
यूरोपीय संघ के राजदूतों ने इस बात पर व्यापक सहमति जताई कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ लगाने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए जाएं। साथ ही अगर शुल्क लागू होते हैं तो ठोस जवाबी कदम भी तैयार रखे जाएं। यह जानकारी ईयू के राजनयिक सूत्रों ने दी।
ट्रंप की ईयू देशों को चेतावनी
ट्रंप ने 17 जनवरी को चेतावनी दी कि 1 फरवरी से डेनमार्क, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स और फिनलैंड सहित ब्रिटेन व नॉर्वे पर बढ़ते टैरिफ लगाए जाएंगे,जब तक कि अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं मिलती। यूरोप के बड़े देशों ने इस कदम को खुला ब्लैकमेल करार दिया है।
आपात शिखर बैठक 22 को
ईयू के नेता 22 जनवरी को ब्रसेल्स में आपात शिखर बैठक में विकल्पों पर चर्चा करेंगे। प्रस्तावों में एक 93 अरब यूरो (करीब 107.7 अरब डॉलर) के अमेरिकी आयात पर टैरिफ पैकेज है, जो छह महीने के निलंबन के बाद 6 फरवरी से स्वतः लागू हो सकता है।