एक अप्रैल से शुरू होगी घरों की गणना, 18 भाषाओं में निर्देश पुस्तिकाएं होंगी तैयार
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- January 17, 2026
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नई दिल्ली। आजादी के बाद देश में आठवीं बार होने जा रही जनगणना के पहले चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं, 32 लाख से ज्यादा निर्देश पुस्तिकाएं 18 भाषाओं में तैयार की जाएंगी। जनगणना कराने वालों को यह पुस्तिकाएं उनके अधिकार, कानूनी पहलू और मकानों की सूचीकरण की प्रक्रिया समझाने में मदद करेंगी। जनगणना के पहले चरण के लिए 32 लाख से ज्यादा निर्देश पुस्तिकाएं तैयार होंगी। इसमें मकानों की सूचीकरण करने के नियम व तौर तरीके दर्ज होंगे।
यह देश में 30 लाख से ज्यादा जनगणना कराने वालों को वितरित होंगी। इसमें जनगणना कराने वालों की भूमिका, उनके अधिकार, कानूनी पहलू दर्ज होंगे। जनगणना कराने वाले जब घर-घर दस्तक देंगे तो उनके साथ यह निर्देश पुस्तिकाएं होंगी जो उनके काम को आसान बनाएंगी। जनगणना से जनकल्याण इस स्लोगन के साथ जनगणना के इस अभियान की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिन भाषाओं में पुस्तिका तैयार की जाएगी उनमें हिंदी, बंगाली, अंग्रेजी, आसामी, गारो, गुजराती, कन्नड़, खासी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु व उर्दू शामिल हैं। पहले चरण में मकानों की गिनती और आवास में रहने वालों की जानकारी का काम इस साल एक अप्रैल से शुरू होना है। इसके बाद, दूसरे चरण में फरवरी 2027 में आबादी की गणना होगी।
पहले चरण में हर भवन का होगा जियो-टैग
पहले चरण में हर भवन को जियो-टैग किया जाएगा। चाहे वह बंद या खाली ही क्यों न हों। जनगणना 2027 के लिए सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है। यह जनगणना के काम को वास्तविक समय में देखेगा।
पहले चरण में हर भवन का होगा जियो-टैग
पहले चरण में हर भवन को जियो-टैग किया जाएगा। चाहे वह बंद या खाली ही क्यों न हों। जनगणना 2027 के लिए सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है। यह जनगणना के काम को वास्तविक समय में देखेगा।
