70 मेगावाट धुबरी सोलर पावर प्रोजेक्ट का उद्घाटन: असम में अक्षय ऊर्जा को मिली नई गति
धुबरी, असम | 15 जनवरी 2026
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (SGEL) द्वारा विकसित 70 मेगावाट धुबरी सोलर पावर प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर असम के विद्युत मंत्री प्रसांत फुकन, एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता, डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी, आईएएस, एसीएस (ऊर्जा) एवं चेयरमैन, एपीडीसीएल, राकेश कुमार, आईएएस, प्रबंध निदेशक, एपीडीसीएल तथा अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक), एसजेवीएन सहित असम सरकार एवं एसजेवीएन लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर भूपेंद्र गुप्ता ने दूरदर्शी नेतृत्व के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी, भारत सरकार तथा असम सरकार को परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं राज्य में चल रही तथा प्रस्तावित अन्य परियोजनाओं हेतु मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का पूर्ण होना क्षेत्र में अक्षय ऊर्जा क्षमता विस्तार के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा एवं सतत विकास के लक्ष्यों को मजबूती प्रदान करता है।
एसजेवीएन के निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा ने बताया कि धुबरी सोलर पावर प्रोजेक्ट विकास एवं परिचालन दोनों चरणों में स्थानीय समुदायों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन करेगा तथा स्वच्छ एवं हरित विद्युत आपूर्ति के माध्यम से असम के अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो को सुदृढ़ करेगा।
यह 70 मेगावाट की परियोजना एसजीईएल द्वारा असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एपीडीसीएल) से 28 वर्ष की लीज पर उपलब्ध कराई गई 330 एकड़ भूमि पर, ग्राम खुडिगांव पार्ट-II, बिलासीपारा राजस्व सर्किल, जिला धुबरी, असम में विकसित की गई है। परियोजना एपीडीसीएल द्वारा 16 फरवरी 2023 को टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से एसजीईएल को आवंटित की गई थी, जिसमें टैरिफ ₹3.92 प्रति यूनिट निर्धारित किया गया। परियोजना की ईपीसी लागत ₹367.44 करोड़ है।
यह परियोजना प्रथम वर्ष में 23% क्षमता उपयोग कारक (CUF) पर 141.13 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन के लिए डिज़ाइन की गई है तथा 25 वर्षों में लगभग 3,230 मिलियन यूनिट संचयी उत्पादन का अनुमान है। इससे लगभग 1,58,270 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की अपेक्षा है।
यह असम राज्य की पहली बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना है तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में एसजेवीएन की पहली परिचालित परियोजना भी है। परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 04 मार्च 2024 को वर्चुअल माध्यम से किया गया था।
