लालू यादव के परिवार के खिलाफ जमीन के बदले नौकरी मामले में आरोप तय

 लालू यादव के परिवार के खिलाफ जमीन के बदले नौकरी मामले में आरोप तय
नई दिल्ली। जमीन के बदले नौकरी से जुड़े कथित घोटाले में कोर्ट के इस फैसले से लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीबीआई की चार्जशीट में नामित 103 आरोपियों में से पांच की मृत्यु हो चुकी है। जमीन के बदले नौकरी से जुड़े कथित घोटाले के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती, बेटे तेजस्वी यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था।
41 लोगों के खिलाफ आरोप तय, 52 हुए बरी
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि पूर्व रेल मंत्री लालू यादव ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। इस दौरान उन्होंने आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया। यादव परिवार ने रेल अधिकारियों और अपने करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीनें हासिल की। अदालत ने इस मामले में 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए और 52 लोगों को बरी कर दिया, जिनमें रेल अधिकारी भी शामिल थे। सीबीआई की चार्जशीट में नामित 103 आरोपियों में से पांच की मृत्यु हो चुकी है।
अधिवक्ता अजाज अहमद ने कहा, “सीबीआई अदालत ने लालू प्रसाद यादव, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और हेमा यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 120बी और 13 के तहत आरोप तय किए हैं। आरोप 29 जनवरी को तय किए जाएंगे।’