उपचुनाव की बिसात में एक बार फिर से योगी और अखिलेश के बीच होगी टक्कर

 उपचुनाव की बिसात में एक बार फिर से योगी और अखिलेश के बीच होगी टक्कर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चुनाव होने में अभी एक साल से अधिक समय बचा है। लेकिन वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से पहले राजनीतिक दल एक बार फिर चुनावी समर में आमने-सामने नजर आ सकते हैं। ऐसे में प्रदेश में सियासी हलचल बने रहने के आसार हैं।
मुख्य चुनाव से पहले सत्तारुढ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समेत सभी प्रमुख दल अभी से सियासी नब्ज टटोलने में लग गए हैं। हालांकि इस चुनाव में उतरने से पहले राज्य में एक और उपचुनाव कराया जा सकता है क्योंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने में अभी सवा साल से भी ज्यादा का वक्त बचा है।
विधानसभा चुनाव से पहले उपचुनाव की संभावना इसलिए बन रही है क्योंकि पिछले 3 महीनों में 3 विधायकों का अलग-अलग समय पर निधन हो गया। इनके निधन की वजह से ये सीटें खाली हो गई हैं। सोनभद्र की दुद्धी सीट से विधायक विजय सिंह गोंड का आज गुरुवार को निधन गया। विजय सिंह समाजवादी पार्टी के टिकट से विधायक चुने गए थे। इससे पहले पिछले दिनों मऊ जिले की घोसी सीट से विधायक सुधाकर सिंह और बरेली जिले की फरीदपुर सीट से विधायक श्याम बिहारी का निधन हो गया था।
नियम के अनुसार, रिक्त हुई सीटों पर 6 महीने के अंदर उपचुनाव कराना अनिवार्य है। बड़ी बात यह है कि जिन 3 सीटों में से 2 सीटों (दुद्धी और घोसी) पर उपचुनाव कराए जाने की संभावना है, यहां 5 साल के अंदर दूसरी बार उपचुनाव कराया जाएगा।
दुद्धी सीट पर 2 साल में दूसरी बार उपचुनाव
उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग की ओर से अभी कुछ भी नहीं कहा गया है, लेकिन खाली पड़ी सीटों पर चुनाव को लेकर हलचल बनने लगी है। इन तीनों सीटों पर सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी (एसपी) के बीच ही मुख्य मुकाबला माना जा रहा है।
सोनभद्र जिले की दुद्धी विधानसभा सीट से SP के वरिष्ठ नेता और विधायक विजय सिंह गोंड का आज निधन हो गया। वह आठ बार के विधायक थे। विजय सिंह ने 1980 में पहली बार चुनाव में जीत हासिल की थी और तब से लेकर साल 2002 तक सात बार चुनाव जीतते रहे थे। हालांकि 2007 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद साल 2022 तक उन्हें लगातार 4 चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन 2024 में दुद्धी सीट से बीजेपी विधायक रामदुलार गौड के अयोग्य घोषित किए जाने के बाद यहां पर उपचुनाव कराया गया। इस उपचुनाव में विजय सिंह ने सपा के टिकट से जीत हासिल की और आठवीं बार विधायक बनने में कामयाब रहे। वर्तमान कार्यकाल में इस सीट पर दूसरी बार उपचुनाव कराया जाना है।
साल 2026 के पहले ही हफ्ते में बरेली की फरीदपुर सीट से विधायक श्याम बिहारी लाल का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वह दूसरी बार विधायक बने थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में श्याम बिहार लाल को कड़े मुकाबले में जीत हासिल हुई थी और वह महज 2,921 वोटों से चुनाव जीत पाए थे। ऐसे में बीजेपी के लिए उपचुनाव में मुकाबला आसान नहीं रहेगा। दूसरे नंबर पर रही सपा इस बार कड़ी चुनौती देने की तैयारी में होगी।