70 लाख रुपये की रिश्वत लेने वाली IRS अधिकारी प्रभा भंडारी कौन और कब बनी आईआरएस जाने यहां
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- January 6, 2026
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नई दिल्ली। झांसी में सेंट्रल GST की डिप्टी कमिश्नर और IRS अधिकारी प्रभा भंडारी 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गईं। CBI ने उन्हें और दो सुपरिटेंडेंट अनिल कुमार तिवारी व अजय कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है। साथ ही फर्म मालिक राजू मंगनानी और वकील नरेश कुमार गुप्ता को भी पकड़ा. ये पूरा खेल डेढ़ करोड़ रुपये की डील का था, जिसमें 70 लाख पहली किस्त थी। आइए जानते हैं कि आखिर ये महिला आईआरएस प्रभा भंडारी हैं कौन और कब आईआरएस बनी थीं?
प्रभा भंडारी कौन हैं?
प्रभा भंडारी 2016 बैच की IRS अधिकारी हैं। करीब 6 महीने पहले ही उनकी तैनाती झांसी में सेंट्रल GST डिप्टी कमिश्नर के रूप में हुई थी। वे कार्यालय का ज्यादातर काम सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा पर छोड़ती थीं। कुछ महीने पहले ही उन्होंने 68 लाख रुपये का फ्लैट खरीदा था। प्रभा को रिश्वतखोरी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
ऐसे बनते हैं IRS अधिकारी?
IRS (इंडियन रेवेन्यू सर्विस) बनने के लिए संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) की सिविल सर्विसेज एग्जाम पास करना होता है। ये एग्जाम तीन स्टेज की होती है-प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू.इन तीनों को क्लियर करने के बाद रैंक के आधार पर IRS अलॉट होता है। बेहतर रैंक वालों को IAS, IPS, IFS और IRS का आवंटन होता है। आईआरएस अफसर इनकम टैक्स, कस्टम्स और GST जैसे विभागों में काम करते हैं। प्रभा भंडारी ने भी यूपीएससी सिविल सर्विसेज 2015 की परीक्षा पास की थी इसके ट्रेनिंग के बाद वह 2016 बैच की आईआरएस अधिकारी नियुक्त की गई थीं तब से वह लगातार राजस्व विभाग में अपनी सेवाएं दे रही थीं।
ऐसे खुला पूरा खेल?
18 दिसंबर को प्रभा भंडारी के नेतृत्व में CGST टीम ने झांसी के झोकन बाग में जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म पर छापा मारा। फर्म पर टैक्स गड़बड़ी का आरोप था और करीब 13 करोड़ रुपये की वसूली का मामला बन रहा था। टीम 3 बोरों में कागजात ले गई। केस निपटाने के लिए अधिकारियों ने डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी। वकील नरेश कुमार गुप्ता के जरिए फर्म प्रोपराइटर राजू मंगनानी से बातचीत हुई। सूचना CBI को मिली। CBI ने जाल बिछाया। 70 लाख रुपये पहली किस्त के रूप में लिए जा रहे थे। CBI ने सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने प्रभा भंडारी का नाम लिया। CBI ने प्रभा को फोन करवाया। कॉल में प्रभा ने कहा कि रकम को गोल्ड में कन्वर्ट कराकर सौंप दो। उस वक्त प्रभा दिल्ली में थीं उनको वहां से गिरफ्तार कर लिया गया। झांसी में उनके फ्लैट का ताला तोड़कर 4 घंटे तलाशी ली गई।
प्रभा भंडारी की गिरफ्तारी और बरामदगी
CBI ने 30 दिसंबर को प्रभा भंडारी समेत सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। प्रभा, अनिल तिवारी और अजय शर्मा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। तलाशी में 90 लाख रुपये नकद, जेवर, घड़ियां और प्रॉपर्टी दस्तावेज मिले। पति के नाम पर महंगा प्लाट बनवाने के सबूत मिले। काली कमाई को प्रॉपर्टी डीलरों और करीबियों के जरिए जमा करने की बात सामने आई। CBI ने तलाशी में 90 लाख रुपये नकद, सोना-चांदी के जेवर, घड़ियां और प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद किए। अब कुल 1.60 करोड़ रुपये कैश की रिकवरी हो चुकी है। CBI प्रभा भंडारी और अन्य अधिकारियों की संपत्तियों की जांच कर रही है। कानपुर, मुंबई और झांसी में उनके पति व अन्य ठिकानों पर छापे चल रहे हैं। आय से ज्यादा संपत्ति का केस भी दर्ज करने की तैयारी है। दिल्ली और बेंगलुरु में बेनामी प्रॉपर्टी खरीदने की जांच हो रही है। झांसी में CGST के कुछ और अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
प्रभा भंडारी 2016 बैच की IRS अधिकारी हैं। करीब 6 महीने पहले ही उनकी तैनाती झांसी में सेंट्रल GST डिप्टी कमिश्नर के रूप में हुई थी। वे कार्यालय का ज्यादातर काम सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा पर छोड़ती थीं। कुछ महीने पहले ही उन्होंने 68 लाख रुपये का फ्लैट खरीदा था। प्रभा को रिश्वतखोरी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
ऐसे बनते हैं IRS अधिकारी?
IRS (इंडियन रेवेन्यू सर्विस) बनने के लिए संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) की सिविल सर्विसेज एग्जाम पास करना होता है। ये एग्जाम तीन स्टेज की होती है-प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू.इन तीनों को क्लियर करने के बाद रैंक के आधार पर IRS अलॉट होता है। बेहतर रैंक वालों को IAS, IPS, IFS और IRS का आवंटन होता है। आईआरएस अफसर इनकम टैक्स, कस्टम्स और GST जैसे विभागों में काम करते हैं। प्रभा भंडारी ने भी यूपीएससी सिविल सर्विसेज 2015 की परीक्षा पास की थी इसके ट्रेनिंग के बाद वह 2016 बैच की आईआरएस अधिकारी नियुक्त की गई थीं तब से वह लगातार राजस्व विभाग में अपनी सेवाएं दे रही थीं।
ऐसे खुला पूरा खेल?
18 दिसंबर को प्रभा भंडारी के नेतृत्व में CGST टीम ने झांसी के झोकन बाग में जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म पर छापा मारा। फर्म पर टैक्स गड़बड़ी का आरोप था और करीब 13 करोड़ रुपये की वसूली का मामला बन रहा था। टीम 3 बोरों में कागजात ले गई। केस निपटाने के लिए अधिकारियों ने डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी। वकील नरेश कुमार गुप्ता के जरिए फर्म प्रोपराइटर राजू मंगनानी से बातचीत हुई। सूचना CBI को मिली। CBI ने जाल बिछाया। 70 लाख रुपये पहली किस्त के रूप में लिए जा रहे थे। CBI ने सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने प्रभा भंडारी का नाम लिया। CBI ने प्रभा को फोन करवाया। कॉल में प्रभा ने कहा कि रकम को गोल्ड में कन्वर्ट कराकर सौंप दो। उस वक्त प्रभा दिल्ली में थीं उनको वहां से गिरफ्तार कर लिया गया। झांसी में उनके फ्लैट का ताला तोड़कर 4 घंटे तलाशी ली गई।
प्रभा भंडारी की गिरफ्तारी और बरामदगी
CBI ने 30 दिसंबर को प्रभा भंडारी समेत सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। प्रभा, अनिल तिवारी और अजय शर्मा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। तलाशी में 90 लाख रुपये नकद, जेवर, घड़ियां और प्रॉपर्टी दस्तावेज मिले। पति के नाम पर महंगा प्लाट बनवाने के सबूत मिले। काली कमाई को प्रॉपर्टी डीलरों और करीबियों के जरिए जमा करने की बात सामने आई। CBI ने तलाशी में 90 लाख रुपये नकद, सोना-चांदी के जेवर, घड़ियां और प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद किए। अब कुल 1.60 करोड़ रुपये कैश की रिकवरी हो चुकी है। CBI प्रभा भंडारी और अन्य अधिकारियों की संपत्तियों की जांच कर रही है। कानपुर, मुंबई और झांसी में उनके पति व अन्य ठिकानों पर छापे चल रहे हैं। आय से ज्यादा संपत्ति का केस भी दर्ज करने की तैयारी है। दिल्ली और बेंगलुरु में बेनामी प्रॉपर्टी खरीदने की जांच हो रही है। झांसी में CGST के कुछ और अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
