पाकिस्तान में बगावत! पीओके में सेना और आवाम आमने-सामने; बंद किया इंटरनेट
- राष्ट्रीय विदेश
Political Trust
- September 29, 2025
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मुजफ्फराबाद। अवामी एक्शन कमेटी के शीर्ष नेता शौकत नवाज मीर ने कहा कि ‘हमारा प्रदर्शन किसी संस्था के खिलाफ नहीं है बल्कि अपने बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर है। बीते 70 वर्षों में हमें बुनियादी अधिकार नहीं दिए गए हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘अब बहुत हुआ, या तो हमें अधिकार दें या फिर जनता का गुस्सा झेलने के लिए तैयार रहें।’
पाकिस्तान में बगावत के सुर लगातार तेज हो रहे हैं। एक तरफ जहां बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना की नाक में दम किए हुए हैं, वहीं अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भी बगावत भड़क गई है और हजारों लोग शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। वहीं हालात को देखते हुए पाकिस्तान की सरकार ने पीओक में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी है। सुरक्षाबल विभिन्न शहरों में फ्लैग मार्च कर रहे हैं और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।
अवामी एक्शन कमेटी ने की ये मांगें
पीओके में एक नागरिक समूह अवामी एक्शन कमेटी ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया है। इसके तहत सभी बाजार और परिवहन बंद रखे गए हैं। समूह ने 38 बिंदु वाला एक चार्टर जारी किया है, जिसमें पीओके के प्रशासन में ढांचागत सुधार की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पीओके विधानसभा में जो 12 सीटें कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, उन्हें खत्म किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे प्रशासन में उनका प्रतिनिधित्व कमजोर होता है। साथ ही मंगला हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से सस्ती बिजली देने की भी मांग की गई है। साथ ही पाकिस्तान सरकार ने जो वादे किए हैं, उन्हें भी पूरा करने की मांग की गई है।
अवामी एक्शन कमेटी ने की ये मांगें
पीओके में एक नागरिक समूह अवामी एक्शन कमेटी ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया है। इसके तहत सभी बाजार और परिवहन बंद रखे गए हैं। समूह ने 38 बिंदु वाला एक चार्टर जारी किया है, जिसमें पीओके के प्रशासन में ढांचागत सुधार की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पीओके विधानसभा में जो 12 सीटें कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, उन्हें खत्म किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे प्रशासन में उनका प्रतिनिधित्व कमजोर होता है। साथ ही मंगला हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से सस्ती बिजली देने की भी मांग की गई है। साथ ही पाकिस्तान सरकार ने जो वादे किए हैं, उन्हें भी पूरा करने की मांग की गई है।
