HPCL ने IISc बेंगलुरु में ऊर्जा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए MC²+ IGNITE का आयोजन किया
बेंगलुरु– हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु में MC²+ IGNITE के बेंगलुरु संस्करण का आयोजन किया। कार्यक्रम में ऊर्जा उद्योग, अकादमिक जगत, शोध संस्थानों, डीप-टेक स्टार्टअप और निवेश क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भारत के ऊर्जा भविष्य से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में HPCL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक विकास कौशल, Shell के वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च एंड इनोवेशन अजय मेहता, Federation of Indian Petroleum Industry (FIPI) के निदेशक डेब अधिकारी, IISc बेंगलुरु और MC² Foundation के प्रतिनिधियों सहित कई स्टार्टअप और निवेशक शामिल हुए।

19 अगस्त 2026 को शुरू किया गया MC²+ IGNITE ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाले डीप-टेक स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए तैयार किया गया सेक्टर-विशिष्ट एक्सेलरेटर है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप को वास्तविक परिस्थितियों में तकनीक के परीक्षण, पायलट साइट, उद्योग के ग्राहकों और विकास के लिए पूंजी तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
इस कार्यक्रम के पहले चरण में करीब 30 स्टार्टअप शामिल होंगे। चयनित स्टार्टअप को उपलब्धि और निर्धारित लक्ष्यों से जुड़े आधार पर 2 करोड़ रुपये तक की कन्वर्टिबल फंडिंग मिल सकती है।

एक्सेलरेटर में ऊर्जा संक्रमण से जुड़े सात प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है, जिनमें हाइड्रोजन एवं मोबिलिटी, एआई आधारित सब-सर्फेस इंटेलिजेंस, नई पीढ़ी की ड्रिलिंग, बायो-एनर्जी एवं कंप्रेस्ड बायोगैस, रिफाइनरी प्रोसेस, डिजिटल एसेट मैनेजमेंट और ओपन थीम शामिल हैं।
बेंगलुरु कार्यक्रम में बायो-एनर्जी और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) पर विशेष जोर दिया गया। चर्चा में ऊर्जा कंपनियों, शोध संस्थानों और स्टार्टअप के बीच सहयोग बढ़ाने तथा शोध एवं तकनीकी समाधानों को वास्तविक उपयोग और बड़े स्तर पर लागू करने की जरूरत पर विचार किया गया।
कार्यक्रम में Maral Aerospace और Magenta EV Solutions ने अपने स्टार्टअप समाधानों का प्रदर्शन भी किया। इसके अलावा “Re-imagining Energy Supply Chains and Materials for India’s Strategic Autonomy: A Start-up and Investor Perspective” विषय पर पैनल चर्चा हुई। इसमें Bharat Innovation Fund, Zippmat, Ventureast और Chara Technologies के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा में महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और सामग्रियों के क्षेत्र में भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में स्टार्टअप और निवेश की भूमिका पर विचार किया गया।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण MC² Foundation और IISc Bengaluru के बीच MoU पर हस्ताक्षर रहा। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान ऊर्जा क्षेत्र में नई तकनीकों और वेंचर्स के सह-विकास के लिए मिलकर काम करेंगे। इससे IISc की शोध एवं वैज्ञानिक क्षमताओं और MC² Foundation के उद्योग नेटवर्क को जोड़ने में मदद मिलेगी।

HPCL के CMD विकास कौशल ने कहा कि MC²+ भारत के नवोन्मेषकों को ऊर्जा के भविष्य के बारे में नए तरीके से सोचने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य डीप-टेक समाधानों को उद्योग से जोड़कर वास्तविक चुनौतियों का समाधान करना और सुरक्षित, टिकाऊ एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य के लिए तकनीकों को बड़े स्तर पर विकसित करना है।
MC² Foundation के CEO संदीप माहेश्वरी ने कहा कि MC²+ के माध्यम से HPCL और अन्य साझेदार ऊर्जा कंपनियां स्टार्टअप को अपने शोध केंद्रों, रिफाइनरियों, रिग्स और अन्य सुविधाओं में वास्तविक परिस्थितियों में तकनीक के परीक्षण का अवसर दे रही हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप की गति और बड़ी ऊर्जा कंपनियों के व्यापक संसाधनों को साथ लाने से भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी लाई जा सकती है।
Shell के वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च एंड इनोवेशन अजय मेहता ने MC²+ IGNITE को भारत के डीप-टेक और ऊर्जा नवाचार तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और उद्यमी भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।http://Politicaltrust.in
